संवाद सहयोगी,मोगा

ज्वाइंट गवर्नमेंट डाक्टर्स कोआर्डिनेटर कमेटी के आह्वान पर चल रही चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान डाक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग के संभावित निजीकरण के खिलाफ हस्ताक्षर मुहिम चलाई। साथ ही ओपन ओपीडी लगाकर मरीजों का इलाज जारी रखा।

डाक्टरों की ओपन ओपीडी आज सातवें दिन में प्रवेश हो गई। इस दौरान अस्पतालों में तैनात डाक्टरों द्वारा अपनी जेब में से पैसे खर्च कर मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। इस मौके पर तालमेल कमेटी के डा. गगनदीप सिंह, डा.सर्बजीत सिंह, डा. गगनदीप सिंह शेरगिल, डा. पवनप्रीत कौर, डा. संजीव पाठक, डा. दीपन्द्र सिंह, डा. बलविदर सिह और डा. जगजीत सिंह बाजवा ने कहा कि डाक्टरों के पिछले एक महीने से चल रहे संघर्ष के बावजूद सरकार द्वारा उनके मसले का कोई हल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि विगत शुक्रवार को डाक्टरों के धरने दौरान सेहत मंत्री ने एनपीए की मांग एक सप्ताह के भीतर मानने का आश्वासन दिया था। इसके बाद डाक्टरों द्वारा धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया था। डाक्टरों द्वारा अपने स्तर पर चलाई जा रही सामान्तर ओपीडी आज सातवें दिन में दाखिल हो गई तथा अब निजीकरण नीति के विरोध में एक हस्ताक्षर मुहिम शुरू की गई है तथा यह हस्ताक्षर किए हुए बैनर जिला एवं हेड क्वार्टर स्तर पर सेहत एवं पशु पालन विभाग के दफ्तरों में लगाए

जाएंगे, ताकि नींद में सो रही सरकार को जगाया जा सके।

इस मौके पर कन्वीनर डा. इन्द्रबीर सिंह गिल, डा. मनोहर सिंह ने कहा कि दो अगस्त से सेहत एवं पशु पालन विभाग के जिला दफ्तरों की तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद पांच अगस्त से राज्य स्तरीय मुख्य दफ्तरों की तालाबंदी की जाएगी।

Edited By: Jagran