जागरण संवाददाता,मोगा

आखिरकार थाना बधनीकलां के पूर्व एसएचओ कर्मजीत सिंह को एसएसपी ध्रुमन एच निबले ने पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। पूर्व एसएचओ के खिलाफ एक दंपती को थाने में अवैध रूप से रखकर अमानवीय यातनाएं देने आरोप में हाई कोर्ट के आदेश पर 23 अगस्त को बधनीकलां थाने में ही केस दर्ज किया गया था। इससे पहले इसी पूर्व एसएचओ पर पुलिस चौकी लोपो के तत्कालीन प्रभारी सतनाम सिंह को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप मई महीने में लगे थे, हालांकि उस समय पुलिस के उच्चाधिकारियों ने इस मामले में जांच टीम गठित कर पूर्व एसएचओ को बचाने का प्रयास किया था,लेकिन एसएचओ को अपने खिलाफ मई महीने में एफआइआर दर्ज होने का भय था, उसी समय से वह फरार चल रहा था, पुलिस तब से अब तक उसका पता नहीं कर सकी है। इस बीच 23 अगस्त को हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ एक दंपती को थाने में अवैध हिरासत में रखने के मामले में एक और केस दर्ज हो गया था। आरोप नंबर एक

फरार पूर्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मजीत सिंह पर बधनीकलां थाने की ही पुलिस चौकी लोपो के एएसआइ सतनाम सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। एएसआइ सतनाम सिंह के स्वजनों का आरोप था कि तत्कालीन थाना प्रभारी कर्म सिंह एएसआइ सतनाम सिंह पर झगड़े के एक मामले में एक पार्टी से 50 हजार रुपये दिलवाने के लिए दबाव बना रहा था। ईमानदार छवि वाले एएसआइ का 50 हजार रुपये के लिए इस कदर उत्पीड़न किया कि उसने अपनी ही सर्विस रिवाल्वर से पुलिस चौकी में सरकारी क्वार्टर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में भी पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) गठित कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही कर्मजीत सिंह फरार हो गया था।

आरोप नंबर दो

थाना बधनी कलां के सब इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता 50 वर्षीय मंजीत कौर पत्नी निर्मल सिंह निवासी मधोके ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसी याचिका पर हाई कोर्ट की ओर से दिए आदेशों के अनुसार थाना बधनी कलां के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मजीत सिंह, सहायक थानेदार जसवंत राय,गनमैन पवन कुमार व एक अज्ञात महिला सिपाही के खिलाफ दंपती को अवैध हिरासत में रखने के मामले में 23 अगस्त को केस दर्ज किया गया था। महिला का आरोप था कि उसकी बेटी परमजीत कौर व उसके दामाद छिदा सिंह को पुलिस ने अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया था। हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच के आदेश जिला एवं सत्र न्यायधीश को दिए थे। जांच के बाद जिला एवं सत्र न्यायधीश ने अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की थी, जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मजीत सिंह व अन्य मुलाजिमों पर लगे आरोप सही पाए गए थे।

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