जागरण संवाददाता, मोगा : भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष विनय शर्मा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही पार्टी की जिला इकाई को जल्द नया अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पहले जिलाध्यक्ष के चुनाव नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित थे, लेकिन पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा के निधन के बाद जिलाध्यक्ष के चुनाव कुछ समय के लिए टाल दिए गए थे।

गौरतलब है कि निर्वतमान जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह गिल ने तीन साल पहले जब दूसरी बार पार्टी के जिलाध्यक्ष पद की कमान संभाली थी तो एक साल बाद ही उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद विनय शर्मा को पार्टी के जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी। विनय शर्मा का जिलाध्यक्ष के रूप में कार्यकाल की अवधि समाप्त हो चुकी है, ऐसे में स्वाभाविक है पार्टी ने जिलाध्यक्ष के चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तीन महीने बाद नगर निगम के चुनाव भी होने हैं, ऐसे में भाजपा निगम चुनाव का डंका बजने से पहले ही जिलाध्यक्ष पद के चुनाव करा लेने के मूड में है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में दो पूर्व जिलाध्यक्ष बाघापुराना के विजय शर्मा, किशनपुरा निवासी पूर्व जिलाध्यक्ष रहे राकेश शर्मा के अलावा खुद वर्तमान अध्यक्ष विनय शर्मा शामिल हैं। बाघापुराना में पार्षद रह चुके विजय शर्मा की ताजपोशी संघ के हस्तक्षेप के चलते कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बीच की गई थी। उस समय कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव को पार्टी के लोकतंत्र के खिलाफ बताया था। पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह की कार्यकारिणी में महामंत्री रहे राकेश शर्मा को भी जिलाध्यक्ष के रूप में ताजपोशी संघ के अधिकारियों की मर्जी पर की गई थी। राकेश शर्मा कुशल वक्ता होने के साथ ही चुनाव प्रबंधन में माहिर माने जाते हैं। पन्ना प्रमुख जैसी रणनीति को धार देकर उन्होंने कई चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों को कठिन चुनौतियों से बाहर निकाला है। लेकिन वर्तमान में पार्टी संगठन में ही उनके विरोधी बैठे हैं। संघ अधिकारियों के साथ भी संबंध पहले जैसे नहीं है। यही दो बातें राकेश शर्मा के खिलाफ जाती हैं। यही स्थिति लगभग विजय शर्मा के साथ भी है।

जहां तक वर्तमान अध्यक्ष विनय शर्मा का है तो वे अभी तक के अपने दो साल के कार्यकाल में निर्विवाद नेता के रूप में उभरे हैं। अभी तक के जिलाध्यक्ष रहे पार्टी नेताओं में सबसे युवा भी हैं। ये दो बातें उनके पक्ष में जाती हैं, जिसके चलते इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि विनय शर्मा के हाथों में जिला भाजपा की कमान लगातार दूसरे कार्यकाल में भी सौंप दी जाय।

Posted By: Jagran

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