जागरण संवाददाता.मोगा

आखिरकार तीसरे प्रयास में नगर निगम की एफएंडसीसी की बैठक तो हुई लेकिन शहर के पार्कों में वेरका दूध कंपनी के बूथ लगाने के मामले में पेंच फंस गया। एजेंडा में शामिल किए गए कुल नौ प्रस्तावों में से सिर्फ आठ प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकी, जिनमें से मरे हुए पशुओं के निस्तारण के लिए 25 लाख रुपये कीमत वाली इन्सीनरेटर मशीन प्रमुख है। वेरका कंपनी के बूथ का किराया तक अभी तय नहीं हो सका है, जिसको लेकर पेंच फंसा, हैरानी इस बात की है कि बिना किराया तय किए कश्मीरी पार्क व नगर निगम परिसर में बूथ पहले ही लगाए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि एफएंडसीसी की बैठक दो बार स्थगित हो चुकी है। पहली बार कोरम पूरा न होने के कारण बैठक स्थगित हुई थी, बाद में एजेंडा अधूरा होने के कारण बैठक नहीं हो सकी। वीरवार को निगम की मेयर नीतिका भल्ला की अध्यक्षता में एफएंडसीसी की बैठक तो हुई लेकिन नौ सूत्रीय एजेंडे में वेरका बूथ लगाने के मामले में सूई अटक गई। कुछ सदस्यों ने पूछा कि बूथों का क्या किराया निर्धारित किया गया है, इस पर कोई स्पष्ट जबाव नहीं मिला। बैठक में तय किया गया कि बैठक में पहले वेरका बूथ के कांट्रैक्टर के साथ किराया तय किया जाएगा, उसके बाद ही एजेंडे के इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

इसके साथ ही एफएंडसीसी ने शहर में तीन नए ट्यूबवेल लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इन्सीनरेटर मशीन लगाने का प्रस्ताव काफी पहले ही पास हो चुका था, लेकिन एफएंडसीसी में ये प्रस्ताव इस बार लाया गया था। शहर में मरे हुए पशुओं के प्रबंधन की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति काफी खराब थी। एफएंडसीसी से मंजूरी मिल जाने के बाद अब मशीन लगाये जाने को मंजूरी मिल गई है। सिविल ब्रांच के कुछ काम थे, जिन्हें मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा वाटर एंड सीवरेज विभाग की ओर से लगाए गए प्रोजेक्ट की मेंटीनेंस आदि के प्रस्तावों को हरी झंडी एफएंडसीसी की बैठक में दी गई।

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