राजकुमार राजू.मोगा

नशे की तस्करी के लिए बदनाम साधांवाली बस्ती में पहली बार खौफ का मंजर है। 13 दिन में अब तक बस्ती के 33 लोगों के खिलाफ नशा तस्करी के केस दर्ज कर पुलिस 24 को जेल भेज चुकी है, नौ लोग फरार हैं। पुलिस का भय इस बस्ती में इस कदर है कि नशा तस्करी के आरोपितों के 15 घरों में ताले लग चुके हैं, परिवार के सभी सदस्य भूमिगत हो चुके हैं। पुलिस आरोपित नशा तस्करों की प्रापर्टी की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि कुछ साल पहले उनके पास क्या था, नशा तस्करी के बाद क्या है, ताकि नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति से बनाई गई आलीशान कोठियों पर बुलडोजर चलाया जा सके।

पहले पुलिस सांधावाली बस्ती में प्रवेश नहीं करती थी, कई बार बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ छापा मारा भी तो पुलिस खाली हाथ लौटती थी, लेकिन नशा तस्कर बेखौफ अपने काम को अंजाम देते रहते थे। पहली बार वरिष्ठ पुलिस कप्तान गुलनीत खुराना ने चार टीमें बनाकर आपरेशन हाट स्पाट शुरू कर नशा तस्करों में खौफ पैदा कर दिया। इस आपरेशन को अंजाम दिया थाना साउथ सिटी के एसएचओ इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह ने। यह है मामला

गांव मैहना निवासी 25 साल का अमनदीप सिंह आठ मई को अपनी स्विफ्ट कार पर सवार होकर लाल सिंह रोड पर चिट्टा लेने आया था। उसका बाद उसका कई सुराग नहीं मिला। परिवार के लोग कभी थाना मैहना कभी थाना साउथ सिटी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इस बीच थाना साउथ सिटी के तत्कालीन थाना प्रभारी दलजीत सिंह ने युवक की कार लाल सिंह रोड से बरामद करा दी थी,लेकिन युवक कहां है, इसका पता नहीं लगाया। पीड़ित युवक के पिता ने 12 मई को पूरे मामले की जानकारी एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना को दी थी। एसएसपी ने मामले में सख्ती की तो थाना साउथ सिटी पुलिस ने उसी रात को एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लापता युवक का शव मैहमे सिंह वाला रोड स्थित सेम नाले से बरामद कर लिया। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इंस्पेक्टर को किया था लाइन हाजिर

इस पूरे प्रकरण के बाद एसएसपी ने तत्कालीन थाना प्रभारी दलजीत सिंह को लाइन हाजिर कर नए थाना प्रभारी के रूप में इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह की तैनाती कर आपरेशन नशा मुक्त के लिए चार टीमें बनाकर कार्रवाई शुरू की। अब तक जो नशा तस्कर पुलिस को बैरंग लौटने के लिए मजबूर कर देते थे, उनमें खौफ इस कदर पैदा हो गया कि उन्हें अपने घरों में ताला लगाकर भूमिगत होना पड़ा है। दैनिक जागरण की टीम बुधवार की शाम को जब सांधावाली बस्ती में पहुंची तो कम से कम 15 घरों में ताले लटके हुए थे, बस्ती का कोई भी व्यक्ति किसी के भी बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे, पहले बस्ती में जाने वाले व्यक्ति में वहां के लोग खौफ का माहौल बना देते थे, लेकिन अब वहां आने जाने वाले लोगों को कोई कुछ नहीं कहता, बस्ती के लोगों को डर है कि कहीं सादी वर्दी में कोई पुलिस का मुखबिर न हो। बचाने का प्रयास करने वाले भी होंगे दोषी

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह का कहना है कि 12 मई से लेकर अब तक 13 दिन में पुलिस ने नशा तस्करी के 24 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, नौ फरार हैं, उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार सभी नशा तस्करों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि पुलिस के खौफ के बाद अब बस्ती में नशा तस्करी के कारोबार बंद तो है, लेकिन पुलिस की सख्ती अभी खत्म नहीं है। बस्ती में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पुलिस की नजर रहती है,उन्हें बस्ती के चारों प्रवेश द्वार पर पुलिस की चेकिग से होकर गुजरना पड़ रहा है।

नशा तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : लक्ष्मण सिंह

इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह ने साफ कर दिया है कि नशा तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, किसी ने बचाने की कोशिश की तो वह भी बराबर के दोष में जाएगा जेल।

Edited By: Jagran