सत्येन ओझा, मोगा

मोगा विधानसभा सीट से कांग्रेस से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता बनकर शहर लौटे विधायक डा.हरजोत कमल पूरे जोश में दिखे। हालांकि नगर निगम चुनाव में पार्षदों के लिए डा.हरजोत कमल ने पूरी कांग्रेस के खिलाफ जंग लड़ी। चार दिन पहले जो पार्षद हाथों में डा.हरजोत कमल के समर्थन में इस्तीफा लेकर उनके साथ खड़े थे, वे दूसरे पाले में बैठे लंच कर रहे थे। डा.हरजोत कमल ने अपनी सूझबूझ से बदलते परिदृश्य को कुछ ही घंटे में डैमेज कंट्रोल करना शुरू कर दिया। बदली राजनीतिक पिच, रंग बदलते समर्थकों के बीच डा.हरजोत कमल के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश:

सवाल-जो पार्षद चार दिन पहले आपके समर्थन में अपना इस्तीफा हाथ में लेकर साथ खड़े थे। भाजपा में शामिल होते ही वे कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चले गए, ऐसे में नई पिच पर कितना आसान होगा मुकाबला कर पाना ?

जवाब - जो लोग मेरे बुरे दिन में साथ थे, वे आज भी मेरे साथ हैं। हां, चुनाव में बहुत कुछ होता है। कई समर्थक पार्षदों को भरमाया गया था, कुछ घंटे बाद ही वे उनके पास लौटने लगे हैं। छह पार्षद तो कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी के लंच में शामिल थे, वे मेरे पास आकर अपनी सफाई दे चुके हैं। मेयर नीतिका भल्ला भी उनके साथ हैं। धीरे-धीरे सब लौट आएंगे।

सवाल-नए माहौल में ऐसा नहीं लगता। चुनौतियां पहले से ज्यादा होंगी और मुश्किलें भी ?

जवाब-साल 2013 में जब उस समय के विधायक जोगिदर पाल जैन ने कांग्रेस छोड़ दी थी, उस समय कांग्रेस में कोई शामिल होने को तैयार नहीं था। तब मैंने एक-एक समर्थक खड़ा कर कांग्रेस को मोगा में दोबारा खड़ा किया था। पार्टी के पास कार्यकर्ता नहीं थे। मैंने अपनी टीम खड़ी की, निगम में मेयर अपना बनवाया। 46 पंचायतों में से 44 पंचायतों में अपने सरपंच बनवाए। आज तो भाजपा का संगठन उनके साथ है, भाजपा कैडर बेस्ड पार्टी है। वे चंडीगढ़ से लौटने के बाद जिलाध्यक्ष विनय शर्मा से मिले हैं। उन्होंने पूरी तरह साथ चलने का भरोसा दिया है। पहले से ज्यादा आसान है नया माहौल।

सवाल-क्या लगता है कि बदले परिवेश में लोग आपका भरोसा कर पाएंगे?

जवाब-कांग्रेस ने मेरे साथ जो किया है, सबके सामने है। पहले जो लोग मेरी आलोचना करते थे, मुझे बुरा कहते थे अब उनके फोन मुझे आ रहे हैं। वे भी मानते हैं कि कांग्रेस ने उनके साथ अच्छा नहीं किया, सच कहूं तो आज तो मेरी आलोचना करने वाले भी मेरे साथ हैं।

सवाल-क्या लगता है कि इस सीट से दावेदारी करने वाले भाजपा नेता आप को स्वीकार कर पाएंगे?

जवाब -भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष तक सबके साथ पिछले कुछ दिन मैंने गुजारे हैं। जो प्यार मुझे भाजपा में मिला है, जो सम्मान भाजपा में मिला है, मुझे तो नहीं लगता कि मैं भाजपा में नया हूं। माहौल ऐसा हो, तब किसी पर शक करने की कोई गुंजाइश मुझे नहीं दिखती।

Edited By: Jagran