राज कुमार राजू, मोगा: जिले में चाहे प्रशासन की ओर से पराली जलाने वाले किसानों पर सख्ती की जा रही है, लेकिन फिर किसानों की ओर से पराली जलाने के कारण आसमान में छाए धुएं से शनिवार को दिनभर सूर्यदेव बादलों में छिपे रहे।

बता दें कि पिछले कई दिनों से पराली को लगाई जा रही आग से वायु प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन बढ़ गई है। वहीं सांस के मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार को स्मॉग के कारण सांस के रोगियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होने लगी है। सुबह और शाम के समय स्मॉग के कारण रोगियों को अधिक परेशानी है।

मास्क लगाकर निकलें बाहर

सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर मानिक सिगला का कहना है कि स्मॉग से जहां सांस लेने में मुश्किल होती है वहीं आंखों में जलन होती है। ऐसे में हमें घर से बाहर निकलने से पहले मुंह पर मास्क लगाना चाहिए व आंखों पर चश्मे का प्रयोग करना चाहिए। अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज

गर्ग अस्पताल के एमडी मेडीसिन माहिर डॉ.संदीप गर्ग ने बताया कि पिछले दो तीन दिनों से शहर में स्मॉग से लोगों को बहुत समस्या पेश आ रही है। ऐसे में आम तौर पर अस्पतालों में नाक व गले की खारिश व खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं। वायु में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने से लोगों को सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। अगर सांस लेने में या गले में परेशानी ज्यादा हो तो तुंरत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अभी नहीं बारिश का अनुमान

जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि जिले में पराली जलाने के उपरांत स्मॉग की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि रविवार व सोमवार को चाहे बादल छाए रहें फिर भी बारिश का कोई अनुमान नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन-चार दिन के दौरान भी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है।

Posted By: Jagran

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