संवाद सहयोगी,मोगा

गुरु रामदास नगर में स्थित शिव मंदिर में श्री रामायण और श्री हनुमान चालीसा का पाठ करवाया गया। सबसे पहले मंदिर के पुजारी उदित नारायण झा ने नवग्रह पूजा, गणेश पूजा करके ज्योति प्रचंड की।

इसके बाद सब ने मिलकर श्री रामायण का पाठ का आरंभ किया। पंडित और उदित नारायण झा ने रामायण की महत्ता बताते हुए कहा है कि घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए अधिकतर लोग रामायण या राम चरित मानस का पाठ करते हैं। इस ग्रंथ में श्री राम और रावण की कथा के माध्यम से धर्म और अधर्म के बारे में बताया गया है।अगर कोई व्यक्ति रोज रामायण का पाठ करता है तो उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, मन शांत रहता है।

जिस घर में रामायण के पास सुबह- शाम घी का दीपक प्रतिदिन जलाया जाता है, उस घर में आरोग्य बढ़ता है, बीमारियां कम होती है। उस घर पर श्रीराम की कृपा सदैव रहती है और घर में शांति का वातावरण रहता है। जिस घर में रामायण का पाठ होता है। उस घर पर श्रीराम और माता सीता की कृपा सदैव रहती है। उस घर में बच्चों की वृद्धि होती है। प्रतिदिन रामायण का पाठ होता है उस घर पर भगवान शिव, श्रीराम, माता सीता, श्री हनुमान, शनिदेव, नव ग्रह और सभी देवी-देवताओं की की सदैव कृपा रहती है। उस घर से दरिद्रता भाग जाती है, उस परिवार का यश बढ़ने लगता है। उस घर पर साक्षात मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। बच्चों को कभी भय नहीं लगता। भूत, प्रेत, पिशाच वहां प्रवेश नहीं कर सकते हैं। उस घर में सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, अन्न, संतान, मित्र, पड़ोसी, रिश्तेदारों आदि से परिपूर्ण होता है। श्री रामायण की एक एक चौपाई लाखों मंत्रों के बराबर है और हर चौपाई कुछ न कुछ देने वाली है। रामायण हमें पारिवारिक मैनेजमेंट सिखाती है, रामायण हमें संसार में जीना सिखाती है। इस अवसर पर पंडित उदित नारायण झा, आत्माराम शर्मा, संजय शर्मा, मिटू, चौहान, राम शरण ,दर्शन शर्मा व मोहल्ला निवासी उपस्थित थे।

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