संवाद सहयोगी,मोगा

मौखिक कौशल भाषण बढ़ाने वाला होता है। इसका प्रयोग स्पष्ट वाक बनाने के लिए किया जाता है, जो दर्शकों के लिए बढि़या होता है।

ये विचार एसएफसी कान्वेंट स्कूल के डायरेक्टर अभिषेक जिदल ने स्कूल द्वारा मौखिक कौशल का विकास करने के लिए भाषण प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझे करते हुए प्रकट किए। डायरेक्टर अभिषेक जिदल ने कहा कि प्रभावशाली संचार के लिए भाषण की स्पष्टता बढ़ाने के लिए मौखिक कौशल का उपयोग किया जाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को इसी तरह अपने विभिन्न कौशलों का विकास करने के लिए प्रेरित किया। प्रिसिपल मनमिता दास रैना ने मौखिक कौशल का महत्व बताते कहा कि इस गतिविधि से बच्चों में आत्म विश्वास, व्यक्तिगत विकास, बोलचाल के कौशल व अलोचनात्मक सोच का विकास होगा। इस दौरान दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने दो ग्रुप बनाए। विद्यार्थियों ने दिए गए विषय पर दो मिनट तक भाषण दिया। सारे विद्यार्थियों ने बहुत ही बढि़या प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में संदीप सिंह ने पहला, नवनीत कौर ने दूसरा व हर्शदीप कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया।

Edited By: Jagran