संवाद सहयोगी,मोगा

कंप्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह खालसा और हरभगवान सिंह सिद्धू ने बताया कि 31 अक्टूबर को पूरे पंजाब भर से हजारों की संख्या में कंप्यूटर अध्यापक मुख्यमंत्री के शहर मोरिडा में रैली करेंगे और उनकी कोठी का घेराव करेंगे। इसी दिन शाम को मोरिडा में पक्का मोर्चा शुरू किया जाएगा। यह पक्का धरना मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि कंप्यूटर अध्यापक शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग को लेकर पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं परन्तु राज्य सरकार और अफसरशाही की तरफ से उनकी मांगें मानने के बजाय कंप्यूटर अध्यापकों का शोषण किया जा रहा है। कंप्यूटर अध्यापकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कंप्यूटर अध्यापकों के नियुक्ति पत्रों में दर्ज पंजाब सिविल सर्विस रूल्स उन पर लागू नहीं किए जा रहे। यूनियन के नेताओं ने बताया कि कंप्यूटर अध्यापकों को पंजाब सिविल सर्विस रूल्स के मुताबिक मिलने वाली सुविधाएं जैसे अंतरिम रिलीफ, एसीपी लीन इनकैशमेंट, मेडिकल छुट्टियां, सीपीएफ आदि से वंचित रखा जा रहा है। पिछले सालों के दौरान 70 के करीब कंप्यूटर अध्यापकों की मौत हो चुकी है। उनके परिवार का गुजारा नहीं चल रहा। इन कंप्यूटर अध्यापकों के आश्रित परिवारों को न कोई वित्तीय लाभ और न ही तरस के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई।

खालसा ने बताया कि पंजाब सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है, जिस कारण समूह कंप्यूटर अध्यापकों में भारी निराशा पाई जा रही है। कंप्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब की तरफ से राज्य सरकार के अड़ियल रवैये से तंग आकर अध्यापक यूनियन ने मुख्यमंत्री के शहर मोरिडा में राज्य स्तरीय रोष रैली और पक्का धरना लगाने का फैसला किया। इस प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए संगठन की समूची लीडरशिप की सूबा स्तरीय मीटिग मोरिडा में 27 अक्टूबर को बुलाई गई है। इस मौके अमरदीप सिंह, गुरप्यार सिंह, संदीप सिंह ढिल्लों, राजप्रीत सिंह, गुरमीत सिंह, गुरविदर सिंह, राजविदर सिंह, जगत अमरप्रीत सिंह, गिनीश पठार, जतिदर डेनियल, सरोज बाला, बलजीत कौर, आरती यादव, दविदर कौर, अमनदीप सिंह,हरमनिदर सिंह, परमिदर सिंह, नवदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह, राज्यपाल, समीर सिगला व अन्य कंप्यूटर अध्यापक मौजूद थे।

Edited By: Jagran