पंजाब के मोगा में बजरंग दल ने रोका पशुओं से भरा ट्रक, पुलिस से हुई नोकझोंक; सख्त कार्रवाई की मांग
मोगा के कोटकपूरा बाईपास पर बजरंग दल ने भैंसों और कट्टों से भरे एक ट्रक को रोका, जिसमें पशुओं को ...और पढ़ें
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पंजाब के मोगा में बजरंग दल ने रोका पशुओं से भरा ट्रक। फोटो जागरण
HighLights
बजरंग दल ने मोगा में पशुओं से भरा ट्रक रोका।
पशुओं को अमानवीय तरीके से ले जाने का आरोप लगा।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक।
संवाद सहयोगी, मोगा। पंजाब के मोगा शहर के कोटकपूरा बाईपास पर शुक्रवार शाम उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सूचना के आधार पर भैंसों और कट्टों से भरे हरियाणा नंबर के एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक में पशुओं को कथित तौर पर रस्सियों से बांधकर बेहद तंग हालत में भरा गया था।
ट्रक को रोके जाने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद ट्रक में सवार लोगों को अपने साथ ले जाने के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कार्यकर्ताओं ने मामले में उचित और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को संभाला गया।
जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक में बड़ी संख्या में भैंसों और कट्टों को बांधकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम को कोटकपूरा बाईपास पर ट्रक को रोक लिया।
कार्यकर्ताओं का दावा है कि ट्रक में करीब 12 से 14 लोग सवार थे। ट्रक रोके जाने के दौरान अधिकतर लोग मौके से फरार हो गए, जबकि तीन से चार लोग ही मौके पर रह गए। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और मामले की जानकारी दी गई।
पुलिस के साथ नोकझोंक, सख्त कार्रवाई की मांग
मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने ट्रक में सवार बचे हुए लोगों को अपने साथ ले जाने की कार्रवाई शुरू की तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। कार्यकर्ताओं को आशंका थी कि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ समय तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पशुओं को इस तरह ले जाने के मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यदि कोई कानून का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बजरंग दल के कार्यकर्ता शुभम शर्मा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर के ट्रक में बड़ी संख्या में भैंसों और कटरुओ को बांधकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद उन्होंने ट्रक को रोका। उनके मुताबिक, ट्रक में 12 से 13 लोग मौजूद थे, लेकिन अधिकतर लोग मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। उन्होंने पुलिस से मामले में ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
चड़िक मंडी से पशु खरीदने का दावा
दूसरी ओर, ट्रक में सवार मिले शाहरुख निवासी सहारनपुर और मुसीम निवासी हिसार ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उन्होंने ये भैंसें और कटरू जिला मोगा की चड़िक मंडी से खरीदे थे। उनका कहना था कि इन पशुओं को अगले दिन डेरा बस्सी मंडी में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
जब उनसे पूछा गया कि पशुओं को जिस हालत में ट्रक में बांधकर भरा गया था, क्या वे इस स्थिति में बिक्री के योग्य रहेंगे, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
पशुओं को ले जाने के तरीके पर उठे सवाल
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, ट्रक में पशुओं को रस्सियों से बांधकर काफी तंग जगह में भरा गया था। इस स्थिति को लेकर पशुओं की सुरक्षा और उन्हें ले जाने के तरीके पर सवाल उठे। मामले में पशुओं को ले जाने के दौरान नियमों का पालन किया गया था या नहीं, यह जांच का विषय है। पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मीडिया कर्मियों को मामले के संबंध में कोई आधिकारिक पक्ष नहीं दिया गया था। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
