राजकुमार राजू.मोगा

शहर में रविवार सुबह तड़के झमाझम बारिश के बाद सड़कें पानी से लबालब नजर आईं, वहीं कई इलाकों में बिजली गुल रही। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण कई क्षेत्रों में पीने के पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी। शहर में पिछले एक सप्ताह से मौसम के बदलते तेवर के चलते कभी आंधी तो कभी बारिश हो रही है। आंधी-बारिश में पावरकाम पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। जरा सी बारिश शुरू होते ही बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

दो दिनों से छाए हुए बादलों ने रविवार तड़के करीब तीन बजे जैसे ही बरसना शुरू किया तो लोगों को गर्मी एवं उमस से जरूर राहत मिली। इसके बाद बारिश सुबह लगभग आठ बजे तक रुक-रुक कर होने से मौसम सुहावना हो गया। मगर शहर की कुछ सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा होने से राहगीरों सहित दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं यह बारिश खेतों में धान की बिजाई में लाभदायक होने की कृषि विशेषज्ञों ने बात कही है। जबकि बारिश के कारण डेंगू का लारवा और भी पनपने की आशंका है। वही बारिश के कारण पिछले दिनों की तुलना में पारा 13 डिग्री नीचे आने से 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दो दिनों तक बादल छाए रहने व बारिश की संभावना है। बारिश से किसानों के चेहरे खिले

किसान परमजीत सिंह गिल,पाल सिंह समेत अन्य ने बताया कि बारिश से गर्मी से राहत सहित धान की फसल की बिजाई करने के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पानी की कम जरूरत पड़ेगी। वहां हरी सब्जी व हरे चारे को भी इससे लाभ होने समेत अन्य फसलों को लिए भी बेहतर होगी। इसके साथ धान की बजाई कर रहे मजदूर निर्मल सिंह,पाल सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से पड़ने वाली गर्मी से जहां लोग परेशान हो रहे थे। वही उन्हें भी खेतों में धान की बिजाई करने में उमस व तपिश से दिक्कत पेश आ रही थी। खस्ताहाल सड़कें बनीं परेशानी का सबब

बारिश से शहर की ज्यादातर खस्ताहाल सड़कों पर जलभराव होने से कीचड़ हो गया। ऐसे में वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक पैदल यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों की हालत खस्ता होने के अलावा बारिश के पानी की निकासी न होने से सड़कों व गलियों में पानी का जमावड़ा हो गया। जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों समेत बाइक चालकों को समस्या झेलनी पड़ी। डेंगू का लारवा पैदा न होने दें

सिविल अस्पताल में तैनात एमडी मेडिसिन डा. साहिल गुप्ता के अनुसार बता दे कि गर्मी के मौसम के साथ बारिश होने से जहां डेंगू के लारवा में वृद्धि होती है, वहीं बारिश होने के कारण हमारे आसपास पानी का जमावड़ा हो जाता है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया का मच्छर पैदा होता है। डेंगू व मलेरिया के बढ़ते प्रकोप पर रोकथाम लगाने के लिए हमें खुद जागरूक होना होगा। हमें अपने आसपास खड़े पानी में काला तेल डालने के साथ-साथ जहां तक संभव हो सके, गड्ढों में मिट्टी डालकर पानी को समाप्त करना चाहिए, ताकि वहां डेंगू व मलेरिया का मच्छर पैदा न हो सकें।

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