मोगा, जागरण टीम: गांव रोड़े में एक दिन पहले दुबई से 20 साल बाद लौटे अमृतपाल सिंह को 'वारिस पंजाब दे' संगठन के अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी की गई है, उसे केन्द्रीय व राज्य की खुफिया एजेंसियों ने बेहद गंभीरता से लिया है। एक केन्द्रीय एजेंसी ने तो अपने मुख्यालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में लिखा है कि इस कार्यक्रम में राष्ट्र विरोधी बातें कहीं गईं, रिपोर्ट में ये भी कहा है कि कार्यक्रम में 20 हजार से ज्यादा की भीड़ बिना राज्य सरकार व प्रशासन की सहमति से नहीं हो सकती है।

हालांकि एसएसपी गुलनीत खुराना ने कहा है कि वे इस मामले में सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हर किसी को कुछ भी बोलने का मौलिक अधिकार है। संगरूर के लोकसभा सदस्य सिमरनजीत सिंह मान खुद इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

उन्होंने ही अमृतपाल सिंह को दस्तार सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें भिंडरावाले के भतीजे जसबीर सिंह रोड़े भिंडरावाले के परिवार के कुछ लोग भी शामिल हुए। अमृतपाल सिंह के समर्थकों और निजी सुरक्षा गार्डों ने कार्यक्रम में खुले तौर पर हथियार लहराए।

मंच से अमृतपाल के एक निजी बंदूकधारी की पिस्टल भी कार्यक्रम में गायब हो गई। पार्किंग से एक स्विफ्ट कार भी चोरी हो गई। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने पुष्टि की है कि कार्यक्रम के दौरान एक हथियार गायब होने की सूचना उन्हें मिली है। स्थानीय पुलिस इस घटना की जांच कर रही है।

खूफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि अमृतपाल सिंह की गतिविधियां देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।

पंजाब सरकार ने कहा था, संगठन की गतिविधियों की होगी जांच

बता दें कि वीरवार को ही पंजाब सरकार ने संगठन की खालिस्तान पक्षीय सरगर्मियों की जांच करवाने का निर्णय लिया था। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा था कि देश विरोधी भाषण और सरगर्मियों को लेकर अमृतपाल सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कहा था अमृतपाल ने

गांव रोडे में हुए कार्यक्रम में यह कहा था अमृतपाल ने वीरवार को कार्यक्रम में अमृतपाल सिंह ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार को चुनौती दी और सिख युवाओं को आजादी के लिए लडऩे का न्योता दिया। अमृतपाल सिंह ने कहा कि दिल्ली हुकूमत पंजाब में सिखों को पछाड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल के भइयों को आगे कर रही है।

उसने कहा कि मैं भिंडरावाले के दिखाए रास्ते पर चलूंगा और जालिम के अत्याचार से पंजाब की आजादी के लिए लड़ूंगा। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले एक अन्य कार्यक्रम में अमृतपाल ने कहा था कि सिख उन लोगों की गुलामी में नहीं रह सकते जो पिछले 500 वर्षों से मार्शल कौम की पहचान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

Edited By: SATYANARAYAN OJHA

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