जागरण संवाददाता, मोगा : नगर निगम के प्रस्तावित चुनाव चार महीने टल सकते हैं। इसके पीछे निगम पर कब्जे की सियासत मानी जा रही है। इसी सियासत के चलते शहर में इन दिनों चल रहे विकास कार्यो को सरकार की ओर से जारी एक पत्र का बहाना बनाकर रोक दिया गया है, योजना तैयार की गई है कि निगम का कार्यकाल समाप्त होने पर चार महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर कार्यो को तेजी से कराया जाएगा, ताकि नेता जनता में ये भ्रम पैदा कर सकें कि निगम की सत्ता से अकाली भाजपा हटते ही शहर में विकास के काम तेजी पकड़ चुके हैं। निगम कमिश्नर अनीता दर्शी का कहना है कि सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं कि कोई नया काम शुरू न किया जाये। निगम के खजाने में तो राशि है, लेकिन सरकार के आदेश के कारण काम मार्च तक नहीं शुरू किए जा सकते हैं।

शहर में विकास के काम बीच में रोक दिए जाने का ताजा उदाहरण गांधी रोड है। बहाना था कि विधानसभा की कमेटी ने काम रुकवाया है लेकिन जब निगम के एसई नरिदर चोपड़ा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विधानसभा कमेटी ने काम नहीं रुकवाया है, काम कब शुरू होगा। इसका जबाव उनके पास भी नहीं है। मामला यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि 24 दिसंबर को शहर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 78 कार्यो की टेक्निकल विड खुल गई थी, लेकिन आगे की प्रक्रिया रोक दी गई है, ताकि नगर निगम भंग होने तक ये काम शुरू नहीं हो सकें, ये काम अब निगम में प्रशासक आने के बाद शुरू होंगे, ताकि इन कामों का श्रेय कांग्रेस पार्टी ले सके। निगम के अधिकारी इन 78 कार्यों की प्रक्रिया बीच में रोक दिए जाने के मामले में भी गोलमोल जबाव दे रहे हैं। हालांकि माना जा रहा है कि सत्ता के दबाव में वे प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इस बार महिलाओं की संख्या बढ़ेगी

पंजाब सरकार की ओर से 10 दिसंबर को जारी नोटीफिकेशन के अनुसार मोगा नगर निगम के चुनाव 50 वार्डों पर ही होंगे, लेकिन इस बार महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस नियम के तहत 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि 14 सीटें एससीवीसी के लिए आरक्षित की गई हैं। सरकार की ओर से निगम सीमा व सीटों के आरक्षण का नोटीफिकेशन जारी करने के बाद अभी चुनाव की तिथि की घोषणा के फैसले को फिलहाल रोक दिया गया है। इसके साथ ही पंजाब सरकार की ओर से सात जनवरी को बजट अफसर की ओर से जारी एक पत्र का हवाला देते हुए शहर में विकास के सभी कामों को रोक दिया गया है, जबकि पत्र में विकास के काम रोकने का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है।

Posted By: Jagran

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