मोगा में कल रिमोट से होगा 55 फीट ऊंचे रावण का दहन, 12 कारीगरों ने 1 महीने में तैयार किए पुतले
मोगा के टाउन हॉल स्टेडियम में दशहरा पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जिसमें 55 फीट ऊंचे रावण सहित विशाल पुतले आकर्षण का केंद्र होंगे।
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मोगा में दशहरा उत्सव की भव्य तैयारी।
HighLights
मोगा में 55 फीट रावण सहित विशाल पुतले आकर्षण का केंद्र।
दशहरा कमेटी द्वारा 40 वर्षों से टाउन हॉल स्टेडियम में आयोजन।
शाम 6:15 से 6:30 बजे के बीच पुतलों का दहन।
राजकुमार राजू, मोगा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को लेकर मोगा के टाउन हॉल स्थित स्टेडियम में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
दशहरा कमेटी रजिस्टर्ड मोगा की ओर से आयोजित समारोह में इस बार 55 फीट ऊंचे रावण, 50 फीट के कुंभकर्ण और 45 फीट के मेघनाद के पुतले आकर्षण का केंद्र रहेंगे। कमेटी के सदस्य और कारीगर समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि मोगा में पिछले करीब 40 वर्षों से इसी स्थान पर दशहरा मनाया जा रहा है। इस बार भी शहरवासियों के सहयोग से धार्मिक समारोह आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी और रिमोट के माध्यम से पुतलों को अग्निभेंट किया जाएगा। इसके अलावा लंका और अशोक वाटिका के दृश्य भी तैयार किए गए हैं। शाम को शुरू होने वाले कार्यक्रम में लगभग सवा छह से साढ़े छह बजे के बीच पुतलों को अग्निभेंट करने की योजना है।
युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का संदेश
कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि दशहरा केवल पुतले जलाने का पर्व नहीं, बल्कि बुराइयों को त्यागकर अच्छाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन माता-पिता का सम्मान करने, अपने कर्तव्यों का पालन करने और पारिवारिक रिश्तों की कद्र करने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों को बच्चों को धार्मिक त्योहारों के महत्व और अपनी संस्कृति से परिचित करवाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं से जुड़ी रहें।
एक महीने से पुतले बनाने में जुटे कारीगर
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार करने में करीब 12 कारीगर एक महीने से मेहनत कर रहे हैं। कागज, रंगों और अन्य सामग्री से विशाल पुतले तैयार करने में काफी समय लगता है।
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कारीगरों के अनुसार बारिश और नमी के कारण सामग्री को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसके बावजूद पुतलों को समय पर तैयार करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

कमेटी ने बताया कि दशहरा धार्मिक और गैर-राजनीतिक समारोह है, जिसका उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भावना को बढ़ावा देना है। कमेटी ने शहरवासियों से परिवार सहित समारोह में शामिल होने और दशहरे के वास्तविक संदेश को अपनाने की अपील की है।
