राजकुमार राजू, मोगा : साल 2016-17 में जिले में शराब ठेकों की 102 करोड़ रुपये की राशि में से चौथाई हिस्सा 24 करोड़ 28 लाख ठेकेदार ही हजम कर गए। एक्साइज विभाग के नोटिस का भी 20 शराब ठेकेदारों ने कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने अब शराब के ठेकेदारों की प्रॉपर्टी अटैच करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में एईटीसी ने डिफाल्टर ठेकेदारों की सूची डीसी संदीप हंस को सौंपकर प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए लिखा है, साथ ही एक्साइज विभाग के मुख्यालय को भी रिपोर्ट भेज दी है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह ठेकेदारों की प्रॉपर्टी अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एक्साइज विभाग ने वर्ष 2016-17 में जिले भर के शराब ठेकों की नीलामी 102 करोड़ रुपये में की थी। उस वित्तीय साल में विभाग ने जिले में कुल 31 ग्रुपों को ठेके दिए थे। 31 ग्रुपों में सिर्फ 11 ग्रुप ही विभाग के पास तय समय सीमा में पैसे जमा कराते रहे। 20 ग्रुप डिफाल्टर हो गए। विभाग लगातार बकाया राशि को हासिल करने के लिए शराब ठेकेदारों को नोटिस जारी करता रहा, लेकिन शराब ठेकेदारों ने बकाया का भुगतान नहीं किया। विभाग ने हालांकि पिछले साल ही शराब ठेकेदारों की प्रॉपर्टी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन तब सफलता नहीं मिल पाई। अब ये मामला डीसी के पास पहुंच गया है, साथ ही प्रॉपर्टी अटैच की कार्रवाई तेज कर दी गई है। ठेकेदारों की प्रॉपर्टी अटैच करने के साथ ही नीलाम कर विभाग बकाया राशि पूरा करेगा।

डिफाल्टर सूची में इनका नाम

ईटीओ प्यारा ¨सह के अनुसार जिले में बकाया राशि की लिस्ट में दीप मलहोत्रा, संजीत ¨सह सनी, राजन सूद, गरचा ग्रुप, जसप्रीत ¨सह के नाम शामिल हैं।

2016-17 का है बकाया

वर्ष 2016-17 में ठेकेदारों पर 24 करोड़ 28 लाख बकाया है। विभाग ने ठेकेदारों को कई बार नोटिस जारी किए। लेकिन ठेकेदारों ने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। विभाग प्रॉपर्टी अटैच कर उसे सील करने की प्रक्रिया जल्द करेगा।

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Posted By: Jagran