जागरण संवाददाता, मोगा : स्टूडेंट लीगल लिटरेसी क्लब की बैठक में एडवोकेट राजेश कुमार शर्मा ने बच्चों से पूछा कि उनके यहां सबसे बड़ी समस्या क्या है। बच्चों ने एक स्वर में कहा। 'नशा' यहां तो प्राईमरी स्कूल के बच्चे भी नशा करते हैं। ये पूछे जाने पर नशा कहां मिलता है बच्चों ने फिर जबाव दिया, स्कूल के बाहर गेट के बराबर दुकान पर। एडवोकेट राजेश शर्मा ने अपनी जेब से दस रुपये निकालकर दिए, एक 12 साल के मासूम को नशा लाने के लिए भेजा तो वह दौड़कर गया और तंबाकू की एक पुड़िया कुछ ही देर में लाकर एडवोकेट राजेश शर्मा के हाथों में थमा दी।

एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि सरकार स्कूल से आसपास 500 मीटर के दायरे तक तंबाकू या किसी भी प्रकार के नशे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन नशा आज भी स्कूलों के बाहर बिक रहा है। एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि वे वीरवार को डिप्टी कमिश्नर संदीप हंस से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे, ताकि नशे को छोटे बच्चों की पहुंच से दूर किया जा सके। साथ ही स्कूल के आसपास नशा बेचने वालों को भी लीगल अथॉरिटी की ओर से जागरूकता अभियान चलाकर वे उन्हें रोंकेगे।

लीगल सर्विसेज के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं एडवोकेट राजेश कुमार शर्मा को उनकी सेवाओं को देखते हुए साल 2018 में उन्हें दिल्ली में नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने नेशनल बेस्ट पैनल लॉयर का पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। अथॉरिटी की ओर से माछीके में चलने वाली लीगल एड क्लीनिक में वे सप्ताह में एक दिन उनकी ड्यूटी लगती है। इस दौरान वे समाज के हर वर्ग से मिलने के साथ ही स्कूलों में बच्चों से भी मिलने जाते हैं, उनके साथ उनकी समस्याएं शेयर करते हैं। बच्चों से इसी प्रकार का संवाद करते हुए समय नशे का मासूम बच्चों तक फैलता जाल देखकर वे हैरान रह गए।

Posted By: Jagran

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