नानक सिंह खुरमी, मानसा

शिअद-भाजपा गठजोड़ सरकार ने साल 2010 में निजी क्षेत्र की कंपनी इंडिया बुल्ज लिमिटेड की तरफ से पावर प्लांट लगाने के लिए मानसा जिले के चार गांवों गोबिंदपुरा, जलवेड़ा, सिरसीवाला और बरेटा की 882 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी।

किसानों को भूमिहीन और बेघर होकर इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी, लेकिन इन गांवों के नौजवानों को मिलने वाली नौकरियां, दूसरे गांवों के लोग ही ले गए तथा आज करीब 10 साल बीतने के बावजूद भी यहां न ही तो थर्मल प्लांट लगा तथा न ही सरकारी नौकरी मिली। वहीं इसकी उपजाऊ जमीन भी बंजर हो गई।

हलका विधायक प्रिंसिपल बुधराम ने मसले को पंजाब विधान सभा में उठाया है, वहीं अब जिला प्रशासन इस जगह पर कोई ओर प्रोजेक्ट लाने के लिए प्रयासरत है। गांव के किसान मेजर सिंह, जगदीश सिंह, गुरविन्दर सिंह, सोहण लाल व गुरमेल सिंह मोनी ने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनी इंडिया बुल्ज लिमिटेड द्वारा जिले में पावर प्लांट लगाने के लिए 2010 में 4 गांवों के 1882 किसानों की 871 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसमें से 806 एकड़ जमीन सिर्फ गोबिन्दपुरा गांव की है। पावर प्लांट न लगने के कारण इन गांवों के लोग परेशान हैं, क्योंकि यह प्लांट न लगने के कारण यह जमीन भी बंजर हो रही है और इस जमीन पर विचरण करने वाले बेसहारा पशु लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।

विधान सभी में उठा चुके हैं मामला : बुद्ध राम

हलका बुढलाडा के विधायक प्रिसिपल बुद्ध राम ने कहा कि वह इस मसले को विधान सभा में भी उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पावर प्लांट के लिए 882 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने के लिए 21 लोगों को नौकरी देना बाकी है। यह बात सरकार मान रही है। उन्होंने बताया कि यह प्लांट न लगाए जाने से उपजाऊ जमीन बंजर हो रही है और किसान दिहाड़ी करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

जल्द लगेगा नया प्रोजेक्ट : डीसी

उधर डीसी मानसा अपनीत रियात का कहना है कि बेशक इस जमीन पर पावर प्लांट नहीं लग सका है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा इस जमीन पर जल्द ही कोई नया प्रोजेक्ट लाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर पावर प्लांट कुछ तकनीकी कारणों से नहीं लग सका। राष्ट्रीय मार्ग बनने के बाद जल्द ही सोलर प्लांट या कोई अन्य प्रोजेक्ट इस जमीन पर स्थापित किया जाएगा।

अधिग्रहीत की जमीन में लगी प्रोजेक्ट : गुरमेल

इस सम्बन्धित किसान गुरमेल सिंह का कहना है कि कंपनी की तरफ से उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद न तो वहां पावर प्लांट लगा और न ही किसानों को उनकी जमीन वापस की गई। उन्होंने मांग की कि किसानों की यह जमीन किसानों को वापस की जाये या फिर इस जमीन पर कोई प्रोजेक्ट लगाया जाए।

Posted By: Jagran

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