गगन खुडाल, बरेटा (मानसा) : पढ़ाई की बजाए सरकार राज्य में हो रहे चुनावों को अहमियत दे रही है, जबकि चुनावों को लेकर शिक्षा विभाग ने नौवीं व दसवीं परीक्षा की समय सारणी रद्द कर दी है। पंजाब में जिला परिषद और ब्लाक समिति मतदान 19 सितंबर को हो रहे हैं इसलिए विभिन्न मुलाजिमों के साथ अधिकारियों की तैनाती की गई है। इस बार जिला मानसा में स्कूलों के पूरे स्टाफ की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया में लगा दी गई है। जिसकी पहली रिहर्सल 8 सितंबर को जबकि आगे वाली रिहर्सलों 15 और 18 सितंबर को होगी। इसका असर स्कूलों पर पड़ रहा है। अध्यापकों की चुनावों में ड्यूटी लगने के कारण जिले के अधिकतर स्कूल बंद रखने पड़ेंगे। इस बारे में अध्यापक नेताओं जसवीर ¨सह और बीएलओ दर्शन ¨सह ने बताया कि पंजाब सरकार पढ़ाई की अपेक्षा वोटों को कितनी अहमियत देती है। इस बात का पता सहायक डायरेक्टर एससीईआर पंजाब के पत्र नंबर 5 /57 /2018 तारीख 6-9 -18 जरिए नौवीं व दसवीं परीक्षा की समय सारणी रद्द करने से चलता है।

खेल स्पर्धाओं की तारीखों पर भी असर

मानसा जिले की ब्लाक स्तरीय खेलें जोकि 13, 14 और 15 सितम्बर को होने थे। वो अब 15 सितम्बर की रिहर्सल के कारण 12, 13 और 14 सितम्बर को कर दिए हैं।

मतदान में भी सेवाएं देंगे बीएलओ

वहीं जो कर्मचारी और अध्यापक बूथ स्तरीय अफसर के तौर पर काम कर रहे हैं उनकी ड्यूटी भी मतदान करवाने के लिए लगा दी गई है, जो पहले से ही बूथ लेवल पर ड्यूटी निभा रहे है, उनको चयन रिहर्सल में भाग लेना पड़ा। 9 और 16 सितम्बर को उनको वोटों की शोध करने का फरमान भी सुनाया गया है यानि कि वह दोहरी ड्यूटी करेंगे। इधर साथ लगते जिले संगरूर में बीएलओ को चुनावी ड्यूटियों से छूट दी गई है।

बीमार होने पर ड्यूटी होगी कैंसिल

इस बारे में जिला शिक्षा अफसर हरिन्दरपाल ¨सह ने बताया कि पंजाब सरकार के मतदान संबंधित ड्यूटी लगाने के निर्देश हैं। अगर बीएलओ की दोहरी ड्यूटियों से यदि कोई कर्मचारी बीमार या अपंग है तो उनकी चयन ड्यूटी रद्द कर दी जाएगी।

Posted By: Jagran