विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मिले सुरक्षा', परविंदर झोटा के परिवार से मिले सुनील जाखड़

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:32 PM (IST)

सुनील जाखड़ ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि दी और पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

परविंदर झोटा के परिवार से मिले सुनील जाखड़। फोटो जागरण

परविंदर झोटा के परिवार से मिले सुनील जाखड़। फोटो जागरण

HighLights

  1. जाखड़ ने मानसा में परविंदर झोटा को श्रद्धांजलि दी, नशे पर चिंता जताई।

  2. पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

  3. सीबीआई मुख्यालय में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर की जांच करे।

जागरण संवाददाता, मानसा। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आज मानसा में परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके मन में समाज के प्रति गहरा जज्बा था और वह नशे के खिलाफ उनके द्वारा छेड़ी गई मुहिम को नमन करने यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने नशे के खिलाफ ऐसी मुहिम का बीज बोया, जिसे पूरा पंजाब एकजुट होकर भी प्रभावशाली ढंग से आगे नहीं बढ़ा पाया था।

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में लोग अपने स्तर पर नशे के खिलाफ हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज पंजाब में नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों के साथ-साथ नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों की सुरक्षा भी एक गंभीर सवाल बन गई है।

उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा द्वारा शुरू की गई मुहिम ने नशे के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दी है। इस मुहिम का मकसद किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पंजाब को नशे के अभिशाप से बचाना था, लेकिन इस लड़ाई में परविंदर को अपनी शहादत देनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब के हर गांव में चिंताजनक हालात हैं। कहीं कोई नशे के कारण अपनी जान गंवा रहा है, कहीं नशे के खिलाफ लड़ने वालों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है और कहीं गैंगस्टर लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जवानी, हमारी आने वाली पीढ़ियां और प्रदेश का भविष्य खतरे में हैं, लेकिन भगवंत मान सरकार इन गंभीर मुद्दों को हल करने में नाकाम दिखाई दे रही है।

विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा परविंदर सिंह झोटा का मामला उठाने के बजाय हवाई अड्डे पर रोके जाने के अपने मामले का जिक्र करने पर सवाल उठाते हुए जाखड़ ने कहा कि भगवंत मान को पंजाब के लोगों की समस्याओं और उनके दर्द की चिंता नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री इस बात पर विलाप कर रहे हैं कि उन्हें हवाई अड्डे पर जांच के लिए क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के मंत्री लोगों का दुख-दर्द सुनने के लिए उनके पास पहुंचते ही नहीं हैं, तो यह लोकतांत्रिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि यह कितनी शर्म की बात है कि इतने दिन बीतने के बावजूद सरकार का कोई मंत्री बातचीत के लिए आगे नहीं आया है।

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लोगों के स्वाभिमान, जज्बे और संघर्ष की कद्र दिल्ली से आकर पंजाब चलाने वाले नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर तरफ मारामारी का माहौल है, नौजवानों का भविष्य दांव पर लगा है और किसानों की फसलें भी मंडियों में रुल रही हैं। ऐसे हालात में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों की समस्याओं का समाधान करे और पंजाब को इस संकट से बाहर निकाले।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की भावनाओं को समझना और उनकी आवाज सुनना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि समाज को बचाने के लिए आगे आने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस अवसर पर सुनील जाखड़ ने सीबीआई से अपील की कि नशे से जुड़े मामलों की जांच का दायरा बढ़ाते हुए मुख्यालय में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका की भी जांच की जाए, ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा में नशे की शुरुआत करने वाले जिस ड्रग इंस्पेक्टर को सरकार ने बड़े भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा था, अब उसी मान सरकार ने उसे अपना ‘कमाऊ पूत’ बनाकर मुख्यालय में तैनात कर रखा है। उन्होंने कहा कि यदि उसकी जांच हो तो कई बड़े राज सामने आएंगे।

जाखड़ ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि देने का असली मकसद पंजाब को नशामुक्त बनाने के संकल्प को और मजबूत करना है। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के पिता और पत्नी को नमन किया, जो इस असहनीय दुख के बावजूद पंजाब को नशे से बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक तो बंधुआ मजदूर हो सकते हैं, लेकिन पंजाब बंधुआ मजदूर नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब सब कुछ देख रहा है और समय आने पर इसका हिसाब भी करेगा।

चित्र परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह से बातचीत करते सुनील जाखड़