संसू, सरदूलगढ़: प्रोजेक्ट स्वीप प्रोग्राम तहत भारत ग्रुप आफ कालेज में वोटरों को जागरूक करने के लिए भाषण मुकाबले करवाए गए। नोडल अफसर राजेश कुमार की अगुआई में करवाए गए प्रोग्राम की शुरुआत रोहित कुमार ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपील की कि वह अपनी वोट बनवा कर उसका प्रयोग देश के विकास व उन्नति के लिए करें। अगर नौजवान वर्ग अपने वोट का प्रयोग करेगा तो भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत होगी। इस अवसर पर करवाए गए मुकाबले में धर्मवीर सिंह, सत्यम कुमार, कविता अरोडा ने पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले में जज की भूमिका नरिदर कुमार, सुमित व रीतू गोयल द्वारा निभाई गई। भाषण मुकाबले में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को संस्था सीइओ राजेश गर्ग ने बधाई दी। अध्यापकों से दफ्तरी काम न कराया जाए: डीटीएफ डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब के प्रदेश प्रधान दिग्गविजय पाल शर्मा की अगुआई में रोष जाहिर किया गया। कहा गया कि अध्यापकों से स्कूलों में दफ्तरी काम न लिया जाए।

इस दौरान प्रदेश सचिव स्वर्ण सिंह औजला, प्रधान रेशम सिंह, सचिव बलजिदर सिंह, वित्त सचिव अनिल भट्ट ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अध्यापकों ने कोरोना काल के दौरान शैक्षणिक सेशन 2020-21 के मुकाबले सेशन 2021-22 में पंजाब स्तर के 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ावा किया है। दाखिला बढ़ाते समय अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों से बढि़या शिक्षा प्रदान करने के भरोसे से प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में दाखिल किया गया। अध्यापक जत्थेबंदियों की लंबी समय से अध्यापकों की भर्ती की मांग थी, लेकिन नई भर्ती करने की जगह पहले से स्कूलों में पढ़ा रहे अध्यापकों को विभिन्न विषयों के बीएम, डीएमसीएमटी, बीएमटी ब्लाक कोआर्डिनेटर, जिला कोआर्डिनेटर व प्रदेश कोआर्डिनेटर लाकर 400 अध्यापकों को स्कूलों से बाहर कर दिया है, जिसमें विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। जत्थेबंदियों के प्रदेश वित्त सचिव जसविदर सिंह व बठिडा जिले के उपप्रधान परविदर सिंह, सह सचिव गुरप्रीत खेमुआणा ने कहा कि 228 पीटीआइ अध्यापकों को स्कूलों से निकाल कर ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों व दफ्तरों में शिफ्ट कर दिया गया, जिनमें कागजी कार्यवाही का कार्य लेकर विद्यार्थियों के खेल, मानसिक बौधिक व शारीरिक विकास से खिलवाड़ किया जा रहा है।

ब्लाक प्रधान नवचरनप्रीत, भूपिदर माइसरखाना, कुलविदर विर्क, भोला राम, अंग्रेज सिंह, राजविदर जलाल, रतनजोत शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से पिछले लंबे समय के गरीब विद्यार्थियों के वजीफे रोके गए हैं। विभिन्न प्रोजेक्टों के नाम पर विद्यार्थियों से दूर किए अध्यापकों को सरकार की तरफ से वेतन के अलावा लाखों रुपये विशेष भत्ते दिए जा रहे हैं। नेताओं ने मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी व शिक्षा मंत्री परगट सिंह से उनकी मांगें जल्द मानने की मांग की। इस दौरान जिला कमेटी मेंबर बलजिदर कौर, हरमंदर गिल, जसविदर बाक्सर, बलजिदर कर्मगढ़ व सरबजीत सिंह भी शामिल थे।

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