संसू, मानसा: श्री राम नाटक क्लब द्वारा पुरानी अनाज मंडी में करवाई जा रही रामलीला की सातवीं नाइट का उद्घाटन विजय धीर व सतीश धीर व नवी जिदल ने किया। मंच पर पहले सीन में राम, लक्ष्मण और सीता का वनवास काटने का मंचन किया गया। अगले ²श्य में भरत और शत्रुघ्न अपने नानके घर से वापस आए तो अपने पिता की मौत व भगवान राम के लिए वनवास के बारे में पता चला। इसके अलावा वनवास में भारत-राम मिलाप दिखाया गया।

इस दौरान कलाकार रोहित भारती, नवी जिदल, छोटा बच्चा किशू, अस्थानी धीर, साहिल धीर, जीवन मीरपुरिया, अमर पीपी, गजिदर नियारियां, नवी नियारियां, कृष्ण पप्पी, बिट्टू शर्मा, तरसेम कदू, जोगिदर अग्रवाल, सुभाष काकडा, कामरेड रिषी, मास्टर राजेश, सतीश धीर, गोगी, दीपक, भोला शर्मा, अमृत, संजीव बबला, दीपक मोबाइल ने भूमिका निभाई। मंच संचालन को सफल बनाने में क्लब डायरेक्टर जनक राज, जगदीश जोगा, दीवान भारती, क्लब प्रधान प्रेम नाथ सिगला, उपप्रधान सुरिदर लाली, महासचिव विजय धीर, सचिव नवी जिदल, मेकअप डायरेक्टर लोक राज, पवन धीर, भोला शर्मा, विनोद गर्ग बठिडा, ढोलक मास्टर धुप सिंह का पूरा सहयोग रहा। मंच संचालन रमेश टोनी व अमरनाथ गर्ग ने किया। भगवान राम के धनुष तोड़ते ही 'जय श्रीराम' के जयकारों से गूंज उठा पंडाल नवभारत कला मंच रामपुरा फूल की तरफ से गीता भवन में चल रही रामलीला की तीसरी रात का उद्घाटन सीनियर कांग्रेस नेता राकेश सहारा ने किया। अनाथ गोआश्रम के सदस्य विशोष तौर पर शामिल हुए। रामलीला की चौथी रात ताड़का वध, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-रावण संवाद व लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर के दौरान भगवान श्रीराम चंद्र जी द्वारा शिव धनुष तोड़ते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गुंज उठा। इस मौके समाजसेवी नवनीत गर्ग सीए, नवभारत कला मंच के सुरेंद्र धीर, सुखमंदर कलसी, अजीत अग्रवाल, डाक्टर रवि सिगला, रजनीश करकरा, संजीव गर्ग, कुलजीत ढींगरा, सुनील, विक्की कुमार, राजविदर कलसी तथा कृष्ण कुमार भी उपस्थित थे।

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