संस, जोगा : गांव अलीशेर खुर्द में खोले गए शराब के ठेके का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में से ठेका हटवाने के लिए गठित की गई 'ठेका चुकवाओ, नशे भगाओ' एक्शन कमेटी ने किसान जत्थेबंदियों और गांववासियों के सहयोग से पिछले बारह दिनों से अनिश्चितकाल के लिए धरना लगाया हुआ है। इस संघर्ष की खास बात यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं भूख हड़ताल करने और धरना देने के लिए आगे आ रही हैं। गांववासियों की तरफ से प्रशासन और ठेका कंपनी के पुतले जलाए जा रहे हैं और नारेबाजी करके नाराजगी जताई जा रही है।

गांव से ठेका हटवाने के लिए एक्शन समिति की डीसी मानसा से भी मीटिंग हुई थी परन्तु इस का कोई हल नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यह ठेका गांव के मेन रास्ते, स्कूल और बस स्टैंड के निकट होने के कारण लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। किसान नेता साधू सिंह अलीशेर, सूबा सिंह, संघर्ष समिति के नेताओं जगनिन्दर सिंह, जसवीर सिंह, भुपिन्दर सिंह ने कहा कि लोगों ने फैसला किया है कि जब तक गांव में से ठेका नहीं हटवाया जाता तब तक काग्रेस पार्टी के नेताओं को गांव में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। लोगों ने इस फैसला पर अमल करते हुए चुनाव प्रचार करने के लिए आए गाव में काग्रेसियों को काली झडियां दिखाकर रोष व्यक्त किया और अपने घरों पर काली झडियां लगाई। लोगों ने कहा कि यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक शराब का ठेका नहीं उठाया जाता।

इस मौके पर जत्थेबंदी के जनरल सचिव बल्लम सिंह फफड़े भाईके, जगसीर सिंह, मनजीत कौर, बिन्दर सिंह, राजविन्दर सिंह, लाली सिंह, छोटा सिंह, रणजीत कौर, सुखपाल कौर, भरपूर कौर आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran