जासं, मानसा : अकाली भाजपा सरकार ने क्षेत्र के विद्याíथयों को उच्च स्तरीय शिक्षा देने के लिए आदर्श स्कूल खोला था, लेकिन इन दिनो इस की हालत खस्ता हो गई है। क्योंकि इसे चलाने वाली प्राइवेट कंपनी कुछ समय पहले काम छोड़कर जा चुकी है। अब इसकी देख-रेख शिक्षा विभाग की ओर से की जा रही है।

वही यहां काम करने वाले अध्यापकों व विद्याíथयों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। इसका मुख्य कारण है कि बोहा के आदर्श स्कूल के अध्यापकों को पिछले 13 माह से वेतन ही नहीं दिया है,तथा इसे लेकर स्कूल अध्यापकों व दर्जा चार कर्मियों ने स्कूल के समक्ष संघर्ष जारी किया हुआ है। वहीं प्रशासन उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस कारण अध्यापक निराश हैं।

अध्यापक संदीप कुमार, सीमा रानी, लवप्रीत कौर, वीरपाल कौर, सुखविदर कौर, टिकू गर्ग, मोनिका सिगला, गायत्री रानी ने कहा कि उन्हें एक साल से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन वह बच्चों के भविष्य के लिए बिना वेतन के काम किए जा रहे है। मगर अब उनका बिना वेतन काम करने से घर का गुजारा मुश्किल हो रहा है। इसी कारण वह आíथक व मानसिक तौर पर परेशान हो रहे है।

उन्होंने कहा कि हलका विधायक प्रिसिपल बुध राम के अलावा किसी भी राजनीतिक नेता ने उनकी मांग नहीं उठाई। इससे वह निराशा के आलम में है। उन्होंने मांग की कि उनके वेतन जल्द जारी किए जाए।

उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई मांगें : राजवंत कौर

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी राजवंत कौर ने कहा कि उक्त अध्यापकों की मांगो को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। जैसे ही उपर से वेतन जारी होगा तो समूह स्टाफ को जारी कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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