राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : मानसा में पिछले साल 18 जून को पवन कुमार नाम के एक व्यक्ति को एक्साइज विभाग के अधिकारियों की ओर से घर से उठाकर थाने में बुरी तरह टार्चर करने के मामले में हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार, डीजीपी और मानसा के एसएसपी को नोटिस जारी किया है। पवन लकवे का शिकार हो चुका है और उसने हाई कोर्ट से दस लाख रुपये मुआवजा दिलवाए जाने और आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जस्टिस लीजा गिल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में सरकार, डीजीपी और मानसा के एसएसपी को एक नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पवन कुमार और उसकी पत्नी कांता रानी ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के जरिए याचिका दायर कर कहा है कि एक्साइज विभाग के अधिकारियों ने पवन को 18 जून, 2020 को उसके घर से उठा लिया था। उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था और अवैध ढंग से हिरासत में रखकर उसे टार्चर किया गया। हालत बिगड़ने के बाद उसे स्ट्रेचर पर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज तो हुआ लेकिन वह इस टार्चर के कारण लकवे का शिकार हो गया।

पवन ने इसी मामले में शिकायत की तो एसआइटी गठित की गई थी। एसआइटी ने केवल इंसपेक्टर मंजीत सिंह के खिलाफ उसे अवैध हिरासत में रखे जाने का केस दर्ज करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता के अनुसार उसे चार अधिकारियों ने टार्चर किया। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। याची ने 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है।

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Edited By: Jagran