जागरण टीम, बुढलाडा/ मानसा : बुढलाडा में स्थानीय आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन ने अपनी मांगों के लिए कलम छोड़ हड़ताल की। यूनियन ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ब्लाक प्रधान रणजीत कौर ने कहा कि दफ्तर में सीडीपीओ और सीनियर सहायक समेत क्लर्क की पक्की पदों का प्रबंध किया जाए। जिसके लिए वह पहले भी कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं की है, जिस कारण मजबूरन उनको धरना देना पड़ रहा है। कलम छोड़ हड़ताल अनिश्तिकालीन समय के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने ने कहा कि इस दफ्तर में कई पद न होने के कारण सारा दफ्तर का कार्य ठप हो रहा है, जिस कारण लंबे समय से तनख्वाह रुकी पड़ी हैं और दफ्तरी काम के लिए भी उन्हें भारी परेशानियां उठानी पड़ती है। जिसके लिए ब्लाक बुढलाडा अधीन पड़ते सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखकर समूह मुलाजिम धरने पर बैठने के लिए मजबूर हैं। इस मौके सुपरवाइ•ार लाभ कौर, रुपिन्दर कौर, निर्मला देवी, राम ¨सह, धनवान रानी, सुखविन्दर कौर, मनजीत कौर, जसवीर कौर, सुमन गर्ग, पुष्पा रानी, हरमीत कौर हाकमवाला, सीमा रानी, सुमन लता, व रणजीत अहमदपुर आदि उपस्थित थे।

आंगणबाड़ी मुलाजिमों नेकहा-संघर्ष की जीत हुई

इधर, मानसा में आंगनबाड़ी मुलाजिमों ने केंद्र सरकार की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों के मानभत्ते में 15 सौ रुपये वर्कर और 750 सौ रुपये हेल्पर और 750 सौ रुपये मिनी वर्कर के माणभत्ते में विस्तार किए जाने पर संघर्ष की जीत बताया। आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) के जिला सचिव चरनजीत कौर और जिला खजांची अमनदीप कौर ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने लंबे समय से लगातार न्यूनतम वेतन के लिए संघर्ष किया जा रहा है, जिसे ले कर 5 सितंबर को दिल्ली में लाखों की संख्या में किसान और मजदूरों ने रैली की और जिसमें देश भर से 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों ने हिस्सा लिया। जिसके दबाव के तहत केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों के मानभत्ते में 15 सौ रुपये वर्कर और 750 सौ रुपये हेल्पर व 750 सौ रुपये मिनी वर्कर के माणभत्ते में विस्तार किया गया। उन्होंने ने कहा कि उनका संगठन सीटू यूनियन इस वृद्धि का स्वागत करते है व कहा कि आगे न्यूनतम वेतन लेने तक उन का संघर्ष जारी रहेगा।

Posted By: Jagran