पंजाब चुनाव से पहले शिअद को फिर बड़ा झटका, बुढलाडा से अकाली दल के उम्मीदवार ने सभी पदों से दिया इस्तीफाद
डा. निशान सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसका कारण उन्होंने स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जिम्मेदारियां बताई हैं।
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इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते निशान सिंह। फोटो जागरण
HighLights
डा. निशान सिंह ने अकाली दल के सभी पदों से इस्तीफा दिया।
स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बताया कारण।
अकाली दल ने कहा, इस्तीफे से पार्टी पर कोई असर नहीं।
संवाद सहयोगी, मानसा। शिरोमणि अकाली दल के बुढलाडा हलका इंचार्ज व पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा कई महीने पहले उम्मीदवार ऐलान किए गए डा. निशान सिंह ने पार्टी ने वीरवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उधर अकाली दल ने डा. निशान सिंह के इस्तीफा देने के बाद कहा कि कोई व्यक्ति पार्टी को नहीं बनाता बल्कि पार्टी एक व्यक्ति को नेता बनाती है।
पेशे से सरकारी डाक्टर डा. निशान सिंह साल 2017 के चुनाव दौरान अपनी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद बुढलाडा हलके से शिरोमिण अकाली की टिकट पर बुढलाडा विधानसभा से साल 2017 और 2022 के दौरान दो बार चुनाव लड़ चके है। लेकिन दोनों बार आम आदमी के मौजूदा बुढलाडा विधायक प्रिंसिपल बुधराम से बहुत कम अंतर से हार गए।
शहर की निजी प्रेक्टिस कर रहे डा. निशान सिंह समाजसेवी संस्थाओं के प्रमुख नेता के तौर पर जाने जाते हैं। डा. निशान सिंह को अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा दौरान बुढलाडा में रैली दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा तीसरी बार उम्मीदवार ऐलान किया गया था।
सुखबीर बादल को भोजा इस्तीफा
वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस दौरान डा. निशान सिंह ने बताया कि उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बठिंडा से सांसद बीबी हरसिमरत कौर बादल को भेज दिया गया है। पार्टी पद से इस्तीफा देने के पीछे डा. निशान सिंह ने अपनी सेहत का हवाला देते कहा कि उनके आर्थिक हालात भी कुछ बढ़िया नही हैं।
उसके अलावा अपनी पारिवारिक जिम्मेवारियां व अपने कारोबार को संभालना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रति उनकी कोई नाराजगी नहीं है। किसी और राजनीतिक पार्टी में शामिल होने संबंधी पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका किसी पार्टी में जाने का कोई इरादा या विचार नहीं है।
आने वाले दिनों में अगर ऐसा कुछ हुआ तो वह खुद बताएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह पार्टी पद इसलिए चुपचाप छोड़े हैं ताकि उन पर कोई किसी किस्म का प्रभाव आदि ना पड़े और वे ऐसा ना कर सकें।
उन्होंने बुढलाडा हलके में अकाली दल को उनकी जगह कोई और बढ़िया काम करने वाला उम्मीदवार ढूंढने की सलाह दी है। डा. निशान सिंह ने कहा कि अब वे अपने कारोबार और परिवार पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि अकाली दल को केवल उन्होंने अकेला छोड़ा है तथा और कोई वर्कर आदि ने उनके साथ पार्टी नहीं छोड़ी है।
जिक्रयोग्य है कि कुछ महीने पहले अकाली दल यूथ विंग के जिलाध्यक्ष हनीष बंसल भी शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहकर आप में शामिल हो गए थे। अकाली के जिला अध्यक्ष बलवीर सिंह बीरोके,जिला शहरी अध्यक्ष जतिंदर सिंह सोढ़ी,गुरपाल सिंह ठेकेदार इत्यादि ने प्रेस कांफ्रेस दौरान कहा कि डा. निशान सिंह के पार्टी छोड़ने से पार्टी समीकरणों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा,लेकिन उनको ऐसा नहीं करना चाहिए है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने डा. निशान सिंह को जो सत्कार दिया था।
उसके मायने समझ नही आए है। सोढ़ी ने कहा कि उन्होंने डा. निशान सिंह को कहा था कि समंदर के किनारे आकर किश्ती के चप्पू नहीं छोड़ने चाहिए है और ऐसा करने से किशती और मलाह डूब जाते है। लेकिन उनकी कया मजबूरी थी। इसके बारे वे ही बता सकते है।
