संस, समराला : प्रशासन के आश्वासनों के साथ यह साल भी गुजर गया, लेकिन मिनी बाईपास पर लगाई 55 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें इस बार भी नहीं जगमगाई। नगर कौंसिल ने इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए।

वहीं समराला मिनी बाईपास पर दबी पुली और खन्ना-समराला व समराला-चावा रोड की मरम्मत के भी वादे किए गए पर वे धरातल नहीं नहीं उतर सके। तीनों संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। नगर कौंसिल द्वारा मिनी बाईपास पर 55 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटों को 8 वर्ष में एक दिन टेस्टिंग के बाद रोशनी मिली पर बाद में ये जगी ही नहीं। रोशनी तो दूर, नगर कौंसिल ने इनकी देखरेख भी नहीं की। इस कारण चोर इन स्ट्रीट लाइटों की तारें और उपकरण ही ले गए। लगातार 8 वर्ष से नगर कौंसिल इनको रोशनी देने के वादे कर रहा है जबकि इनको रोशनी दिलवाने के लिए शिवसेना प्रधान रमन वडेरा के नेतृत्व में शहर में रोष मार्च व धरने प्रदर्शन किए गए लेकिन लाइटों को रोशनी नहीं मिल सकी।

यही नहीं पंजाब मंडीकरण बोर्ड भी पीछे नहीं रहा। मिनी बाईपास पर पुली करीब चार वर्ष से टूटी हुई है। इस पुली से गुजरने वाले वाहन तब से हादसों का शिकार हो रहे है, लेकिन विभाग की ढीली कारगुजारी के कारण यह ठीक नहीं हो सकी।

हालांकि पंजाब मंडीकरण बोर्ड के एसडीओ हरिदर सिंह ने लोगों से इस पुली को ठीक करने के कई वादे किए लेकिन यह वर्ष भी गुजर गया पर पुली की मरम्मत नहीं हुई। विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों ने एसडीओ को दो-तीन बार पुली जल्दी ठीक करने के लिए क्लास लगाई लेकिन विभाग के अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। समराला-खन्ना और चावा-समराला रोड नहीं बनी

बीएंडआर विभाग के अधिकारी भी पीछे नहीं है, क्योंकि कई वर्षो से समराला-खन्ना और चावा-समराला रोड टूटी होने के कारण 2-3 फीट गहरे गढ्डे पडे़ हुए हैं। इस सड़क को ठीक करवाने के लिए सामाजिक जत्थेबंदी समराला सोशल वेलफेयर सोसायटी के नेतृत्व में कई बार धरने प्रदर्शन और भूख-हड़ताल भी की, बाजार भी बंद हुआ, सड़क ठीक न होने के कारण ही खन्ना-समराला का व्यापार ठप होकर रह गया क्योंकि इस सड़क पर माल लेकर जाने वाले वाहन व्यापारी से दोगुणा किराया मांगने हैं और व्यापारियों ने खन्ना से माल मंगवाना ही बंद कर दिया।

Posted By: Jagran

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