जेएनएन, लुधियाना। इश्क में अंधी हुई महिला ने अवैध संबंधों के चलते कारोबारी पति की हत्या कर दी। इसके बाद परिजनों को शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराने दिया। महिला की सास व देवर ने पुलिस का रोल निभाते हुए खुद जांच की और घटना के ढाई माह बाद बहू पर हत्या का केस दर्ज करवाया। अभी आरोपित महिला फरार है। आरोपित महिला की पहचान पक्खोवाल के सेंट्रल टाउन निवासी पुष्पिंदर कौर (44) के रूप में हुई। इस बारे में पुलिस ने सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) के बड़ू साहिब निवासी हरविंदरपाल सिंह (46) की मां नसीब कौर की शिकायत पर केस दर्ज किया है। 

नसीब कौर ने बताया है कि उसका छोटा बेटा सुरिंदर सिंह बड़ू साहिब स्थित अकाल अकादमी में नौकरी करता है। वह उसके साथ वहीं रहती है। बड़ा बेटा हरविंदरपाल सिंह परिवार के साथ लुधियाना में रहता था। उसकी शेरपुर में फोर्जिंग इंडस्ट्री है। हरविंदर पाल की 1999 में पुष्पिंदर कौर से शादी हुई थी। उसकी बेटी 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गई है, जबकि बेटा लुधियाना में ही नौवीं कक्षा में पढ़ता है।

14 अगस्त की सुबह पड़ोसी ने उन्हें फोन करके बताया कि हरङ्क्षवदर पाल की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही वह छोटे बेटे के साथ लुधियाना पहुंचीं। यहां पहुंचकर देखा तो हरङ्क्षवदर पाल की गर्दन के पीछे किसी तेजधार हथियार का घाव था। जिस पर नसीब कौर ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा और पुलिस को बुला लिया। मगर, आरोपित पुष्पिंदर कौर व उसके परिजनों ने यह कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि हरविंदरपाल की मौत हार्ट अटैक से हुई है। मौके पर ललतों चौकी इंचार्ज अश्विनी कुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस को शव देखने तक नहीं दिया गया। नसीब कौर व उसके छोटे बेटे के विरोध के बीच उन लोगों ने बिना पोस्टमार्टम कराए हरविंदरपाल के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

बाद में नसीब कौर ने अपने स्तर पर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। जिसमें हरविंदरपाल की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग चेक करने पर पता चला कि पुष्पिंदर कौर के गांव दाद की ठाकुर कॉलोनी में रहने वाले जसप्रीत सिंह के साथ अवैध संबंध हैं। वह वहां मेडिकल शॉप चलाता है। उसी बीच उनके हाथ कुछ फोटो भी लगीं, जिनमें हरविंदरपाल की गर्दन के पीछे लगी चोट साफ नजर आ रही थी।

एक सितंबर को उन लोगों ने मामले की शिकायत एसीपी साउथ से की। उन्होंने जांच ललतों चौकी इंचार्ज अश्विनी कुमार को सौंप दी, मगर वो आगे न बढ़ सकी। जिसके बाद 10 सितंबर को उन लोगों ने सभी सुबूत के साथ सीपी को शिकायत दी। उन्होंने मामले की जांच एडीसीपी क्राइम दयामा हरीश कुमार को सौंप दी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है।

चौकी इंचार्ज की कोताही बरतने की रिपोर्ट सीपी को भेजी

एडीसीपी दयामा हरीश कुमार ने बताया कि उस समय आरोपित महिला ने पुलिस को शव देखने ही नहीं दिया, मगर जांच अधिकारी का फर्ज बनता था कि मौके पर पहुंचने के बाद वह शव की जांच करता। अब फोटो और कॉल डिटेल के बाद सच्चाई सामने आ गई है। मामले में चौकी इंचार्ज अश्विनी कुमार की कोताही पाई गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट बना सीपी को भेज दी गई है। जल्द ही आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके बाद पता चलेगा कि हत्या में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था। उसने किस हथियार के साथ उक्त वारदात को अंजाम दिया।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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