जासं, लुधियाना। Suicide In Ludhiana: दिल्ली में उपचाराधीन पति की मौत का सदमा 22 वर्षीय नीतू बर्दाश्त नहीं कर पाई। एक दिन बाद ही लुधियाना में अपने घर पर उसने फंदा लगाकर जान दे दी। वह ढंडारी खुर्द की दशमेश मार्केट इलाके में रहती थी। थाना फोकल प्वाइंट की पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने बताया कि नीतू और उसका पति भीम यादव दो महीने पहले ही किराये के मकान में यहां रहने आए थे।

पति कुछ समय से बीमार चल रहा था। नीतू ने इलाज के लिए उसे अपने भाई के पास दिल्ली भेज दिया था। इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। नीतू भी दिल्ली पहुंच गई। वीरवार की सुबह करीब 10 बजे वह दिल्ली से लुधियाना लौटी थी। पति की मौत से आहत होकर उसने अपने कमरे में पंखे की कुंडी से कपड़ा बांधकर फंदा लगा लिया। दोपहर करीब 12 बजे जब मकान मालिक उसे खाना देने कमरे में गया तो शव फंदे से लटक रहा था। दंपती का अभी कोई बच्चा नहीं था। उनके परिवार के बारेे में भी फिलहाल जानकारी नहीं मिल पाई है।

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शव की हुई पहचान, सिर पर वार करने से हुई थी मौत

गांव गिल में झाडिय़ों में मिले शव की पहचान 40 वर्षीय विनोद प्रसाद के रूप में हुई है। विनोद मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के थाना नूरसहाय के गांव जगदीशपुर त्यागी का रहने वाला था। लुधियाना में वह मजदूरी करता था। गांव जसपाल बांगड़ में वह पत्नी, दो बेटे व एक बेटी के साथ रहता था। उसके पास एक मोबाइल फोन था, जो करीब 25 दिन पहले टूट गया था। इसके बाद उसने मोबाइल फोन रखना ही बंद कर दिया। वह सुबह आठ बजे काम पर जाता था और रात को नौ बजे लौटता था। मंगलवार की रात को वह वापस नहीं आया। वीरवार सुबह अखबार में खबर पढऩे के बाद वह थाना डेहलों की पुलिस के पास आया। उसने शव की पहचान कर ली। पोस्टमार्टम में पता चला है कि विनोद की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई है।

Edited By: Vipin Kumar