संवाद सहयोगी, श्री माछीवाड़ा साहिब

कोरोना वायरस के साये में माछीवाड़ा इलाके में गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। वहीं दूसरी ओर आगामी दिनों में सरकार के लिए गेहूं की फसल खरीदना और ढुलाई भी बड़ी चुनौती है। बता दें कि 15 अप्रैल से मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में फसल बेचने के दौरान भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए नई नीतियां अपनाई जा रही हैं।

उधर, बुधवार को माछीवाड़ा अनाज मंडी में मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने फड़ों की मार्किंग करवाई और और सामाजिक दूरी बहाल रखने व कोरोना वायरस के बचाव के लिए 900 वर्ग फुट के बाक्स बनाए जा रहे हैं। इस बारे में मंडी बोर्ड के एसडीओ हरजिदर सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश हैं कि मंडियों में जाकर 30 बाई 30 के अंतर्गत 900 वर्ग फुट के बाक्स बनाए जाएं, जिसमें फसल की ढेरी लगाई जाएगी और बाकी किसानों व मजदूरों से सामाजिक दूरी बनाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह 900 वर्ग फुट के ये बाक्स मंडी बोर्ड द्वारा आढ़तियों को अलाट किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत सरकार के निर्देश व टोकन व्यवस्था के तहत किसान इसमें आकर अपनी फसल की ढेरी बेच सकेंगे।

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होलोग्रामयुक्त टोकन होंगे जारी

दूसरी तरफ डीसी प्रदीप कुमार अग्रवाल ने निर्देश जारी किए हैं कि किसानों को इस बार होलोग्रामयुक्त टोकन जारी किए जाएंगे। इसके अनुसार ही वे अपनी फसल मंडियों में ला सकेंगे। किसानों की शेड्यूल के मुताबिक आमद संबंधित आढ़ती यकीनी बनाएंगे। आढ़तियों व लेबर को हाथ धोने, मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाई रखने और सैनिटाइजर की उचित प्रयोग आदि के बारे में मंडी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। उक्त सारा सामान सबंधित आढ़ती की तरफ से मुहैया करवाया जाएगा।

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आढ़तियों ने दिए सरकार को सुझाव

माछीवाड़ा सच्चा सौदा आढ़ती एसो. के प्रधान हरजिदर सिंह खेड़ा ने बताया कि करोना वायरस के कारण इस बार गेहूं की खरीद का सीजन आढ़तियों व सरकार के लिए मुश्किलों भरा होगा। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया है कि मंडियों में फसल बेचने के लिए एकदम से किसानों का जमावड़ा न लगे, इसके लिए सरकार को फसल देरी से लाने के लिए बोनस व्यवस्था शुरू करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार एलान करे कि जो भी किसान फसल को कटाई के बाद कुछ दिन अपने घर रखेगा और तय तारीख के बाद मंडी में लाएगा, उसे सरकार प्रति क्विंटल 100 रुपये बोनस दे। इससे मंडियों में भीड़ नहीं होगी। सरकार द्वारा प्रतिदिन कम फसल मंडियों में आए के लिए जो टोकन व्यवस्था शुरू की जा रही है, वह कामयाब नहीं हो सकेगी। आढ़तियों ने यह भी मांग की है कि सरकार उन्हें गेहूं खरीद शुरू होने से पहले अपेक्षित बारदाना मुहैया करवाए, ताकि फसल को तोलने के दौरान मुश्किल न आए।

प्रधान खेड़ा ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लगे क‌र्फ्यू व लॉक डाउन के कारण जो बाहर के राज्यों से गेहूं की कटाई और संभाल के लिए मजदूर आने थे, वे भी नहीं आ रहे। इसलिए सरकार आढ़तियों के लिए मजदूरों का प्रबंध भी करे।

Posted By: Jagran

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