लुधियाना, [राजेश भट्ट]। राम मंदिर बनाने का मुद्दा एक बार फिर से उठने लगा है। विश्व हिंदू परिषद समेत तमाम हिंदू संगठन व संत समाज अब राम मंदिर के निर्माण के लिए मोर्चा खोलने को तैयार हैं। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 2 अक्टूबर तक संत समाज व विश्व हिंदू परिषद की नजर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की तरफ है। उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए बनी साधु संतों की उच्चाधिकार समिति की बैठक होगी। उसमें राम मंदिर बनाने का रास्ता तय किया जाएगा।

विहिप के अंतरराष्‍ट्रीय कार्य अध्‍यक्ष बोले-राम मंदिर के लिए अब हर विकल्प खुले

यहां एक विशेष बातचीत में आलोक कुमार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा है कि वह जल्द से जल्द सुनवाई करके राम मंदिर मामले पर फैसला देंगे। अभी तक साधु संत व अन्य सभी संगठन उनकी तरफ देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में उनकी रिटायरमेंट है। ऐसे में सितंबर के आखिर तक अगर इस पर फैसला नहीं आता है तो अक्टूबर के पहले सप्ताह में उच्चाधिकार समिति की बैठक होगी। इसमें राम मंदिर निर्माण के लिए कौन सा रास्ता अपनाया जाएगा, इस पर फैसला किया जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अब राम मंदिर निर्माण के लिए सभी विकल्प खुले हैं।

पंजाब में हिदू-सिख एकता पर विहिप का फोकस

पंजाब में अलग-अलग मुद्दों पर अब ङ्क्षहदू और सिखों के बीच फिर से दरार डालने की कोशिशें की जा रही हैं। विदेशों में बैठे कुछ कट्टरपंथी माहौल खराब करना चाहते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। विहिप पंजाब में हिंदू सिख एकता के लिए काम कर रहा है। इससे किसी को माहौल खराब करने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा विहिप पंजाब में नशे के बढ़ते प्रकोप को लेकर भी विशेष मुहिम शुरू करने जा रहा है।

हिंदुत्व की परिभाषा नहीं समझते कुछ लोग

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र के बयान पर आलोक शर्मा ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि लोगों को हिंदुत्व की परिभाषा ही पता नहीं है, इसलिए वह हिंदू राष्ट्र का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में उत्पन्न हुए सभी धर्म मिलकर हिंदुत्व की अवधारणा को पूरा करते हैं।

Posted By: Sunil Kumar Jha