लुधियाना [राधिका कपूर]। Punjab Street Food: औद्याेगिक नगरी में स्वाद की कोई कमी नहीं है। एक से एक नया स्वाद आसानी से उपलब्ध है। खैर जब स्वाद उपलब्ध है तो खाने के शौकीन भी आसानी से मिल जाते हैं। आज हम लुधियाना के माडल टाउन एक्सटेंशन पड़ते बाबा दीप सिंह गुरुद्वारे के बाहर खड़े एक रेहड़ी वाले के बारे बता रहे हैं जो पिछले काफी समय से बर्गर और सैंडविच तैयार कर रहे हैं।

अब आप सोच रहे हैं कि बर्गर और सैंडविच तैयार करने में कौन सी नई बात है और यह तो हर जगह आसानी से मिल जाता है। जी नहीं। 'बाबा जी बर्गर' नाम की रेहड़ी पर एक हजार की कीमत में 'वेज गोल्ड बर्गर' मिलता है। चौंक गए ना...अब आप जानना चाहेंगे कि इस बर्गर में ऐसा क्या है जो एक हजार रुपये की कीमत में तैयार होता है तो सुनिए। वेज गोल्ड बर्गर में सोने की 3 वर्क का इस्तेमाल किया जाता है और ड्राई फ्रूटस के साथ सब्जियां, टिक्कियां डाली जाती है।

करीब एक किलो तक हो जाता है भार

बर्गर तैयार करने वाले बाबा जी बता रहे हैं कि 'वेज गोल्ड बर्गर' तैयार करने में 20 मिनट का समय लगता है। तकरीबन एक फीट तक का यह तैयार होता है और इसका भार भी एक किलो तक हो जाता है। बर्गर में ड्राई फ्रूटस, सोने की वर्क, 3 पनीर टिक्की, 3 आलू टिक्की, ब्राकली, स्वीट कार्न, नूडल्स, 5 तरह की सास, स्लाद का इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है।

खुले में दिया चैलेंज, 5 मिनट में जो पूरा खाने पर बर्गर के पैसे वापस

बाबा जी वर्गर वाले ने दावा किया कि उनके यहां तैयार 'वेज गोल्ड बर्गर' जो भी 5 मिनट में खाएगा, उससे न तो पैसे लिए जाएंगे उलटा एक हजार रुपये वह देंगे। पिछले 2 महीने से इस वर्गर को उन्होंने लांच किया था और अब तक यह चैलेंज कोई पूरा नहीं कर सका है। बाबा जी बर्गर वाले ने कहा कि उन्होंने कहीं पढ़ा था कि विदेश में एक ऐसी काफी तैयार होती है जिसकी कीमत एक लाख रुपये है तो उनके मन में विचार आया कि क्यों न ऐसा बर्गर तैयार किया जाए जो सभी को लुभा सके।

14 साल की उम्र से लगा रहे रेहड़ी

बाबा जी बर्गर वाला पिछले 14 सालों से बर्गर की रेहड़ी लगा रहे हैं। शुरूआत लुधियाना के चौड़ा बाजार से की थी, उसके कुछ साल बाद ही माडल टाउन मार्केट में रेहड़ी लगानी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि वह वकील बनना चाहते थे लेकिन यह सपना उनका पूरा नहीं हो पाया। साल 2007 में पिता की मौत (पकौड़े का काम करने वाले) के बाद बर्गर की रेहड़ी लगाने का काम शुरू कर दिया।

Edited By: Vinay Kumar