जागरण संवाददाता, लुधियाना। अगर आपकी लुधियाना के रिहायशी, कामर्शियल या फिर औद्योगिक प्रापर्टी है, तो आपके लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UID) अनिवार्य हो गया है। Uid Number के बिना निगम की कोई सुविधा नहीं मिलेगी। चाहे नक्शा पास करवाना हो या फिर प्रापर्टी टैक्स, सीवरेज-पानी का बिल अदा करना हो। हर चीज के लिए यूआइडी के बिना नहीं होगी। इस बाबत निगम कमिश्नर शेना अग्रवाल ने मंगलवार को लिखित आदेश जारी कर दिए है। इन आदेशों की कापी हर ब्रांच हेड को भेज दी गई है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए है।

निगम हेल्प लाइन नंबर 84375-35700 पर करें संपर्क

निगम कमिश्नर डाक्टर शेना अग्रवाल की तरफ से मंगलवार जारी आदेश में कहा गया है कि निगम सीमा के अंदर पड़ने वाली सभी प्रापर्टिज को दी जा रही सुविधाएं जैसे नया नंबर लगाना, मालकी तबदील करना, टीएस वन सर्टिफिकेट जारी करना, चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू), रेगुलराइजेशन, नया सीवरेज-पानी कनेक्शन और डिस्पोजल कनेक्शन लेने के लिए यूआइडी नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंधी कोई भी जानकारी लेने के लिए व्यक्ति निगम हेल्पलाइन नंबर 84375-35700 पर संपर्क कर सकता है। आम लोग भी इस नंबर पर दफ्तर समय के दौरान फोन या फिर वाट्सएप कर जानकारी हासिल कर सकते है।

सीवरेज-पानी बकाया को क्लियर करवाना जरूरी

निगम के प्रत्येक जोन पर हेल्पलाइन डेस्क बना दिया गया है। यहां पर व्यक्ति प्रापर्टी की लोकेशन, पूरा पत्ता देकर यूआइडी नंबर ले सकता है। इसके अलावा टीएस वन जारी करते समय अब बिल्डिंग ब्रांच से रिपोर्ट लेना जरूरी होगी। अगर कोई व्यक्ति बिल्डिंग ब्रांच में नक्शा आवेदन करने या फिर सीएलयू और रेगुलराइजेशन करवाने के लिए आता है। उसे पहले प्रापर्टी टैक्स और सीवरेज-पानी बकाया को क्लियर करवाना जरूरी होगा।

निगम को होगा यह फायदा

सभी प्रापर्टी को यूआइडी नंबर जारी होने से निगम के पास हर संपत्ति का रिकार्ड होगा। अभी तक निगम की तरफ से शहर की 30 हजार प्रापर्टी पर यूआईडी नंबर लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। अन्य प्रापर्टी पर यूआइडी नंबर लगाने के लिए स्मार्ट सिटी से प्लेट लगाने का टेंडर जारी हो चुका है। यूआइडी नंबर जारी होने के निगम को डिफाल्टर पर शिकंजा कसना आसान रहेगा। वहीं टैक्स कलेक्शन के समय भी निगम को फायदा होग। निगम के खजाने में हर साल करोड़ों रुपये का इजाफा होगा।

आम लोगों काे भी मिलेगा लाभ

यूआइडी नंबर पर व्यक्ति को हर सुविधा मिलेगी। निगम सभी सुविधाओं को आन लाइन करेगा, हांलाकि कुछ सुविधाएं आन लाइन हो चुकी है। लोगों को निगम दफ्तर चक्कर लगाने की जरूर नहीं होगी। प्रापर्टी टैक्स, सीवरेज-पानी बिल की सूचना भी लोगों को उनके मोबाइल पर मिलेगी। टैक्स और बिल की अदायगी भी वह घर बैठे कर सकेंगे। निगम गुगल पे और पेटीएम के साथ सुभी सुविधाओं को जोड़ने की तैयारी कर चुका है।

यूआइडी योजना पर एक नजर

साल 2012 में सबसे पहले प्रत्येक प्रापर्टी को यूआइडी नंबर लगाने की योजना शुरू हुई थी। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर ने मैपिंग का काम किया था। साल 2014 में निगम ने दो कंपनियों को शहर की प्रत्येक प्रापर्टी का डोर टू डोर सर्वे करने का जिम्मा सौंपा था। साल 2016 में दोनों कंपनी ने सभी प्रापर्टी का रिकार्ड एकत्र कर निगम को सौंप दिया। इसके बाद प्रत्येक प्रापर्टी पर यूआइडी नंबर प्लेट को लेकर यह मामला आज तक लटकता आ रहा । जून 2017 को ब्लाक 26 से इस मुहिम का आगाज किया गया था। प्रापर्टी मालिक से 100 रुपये लेकर प्लेट लगाने का काम शुरू किया गया। लोगों ने पैसा देने से मना कर दिया। सिर्फ 30 हजार प्रापर्टी पर यह प्लेट लगाने का काम पूरा हो सका। अब दोबारा स्मार्ट सिटी के तहत प्लेट लगाने का टेंडर जारी हुआ है।

यूआइडी के बिना कोई सुविधा नहीं मिलेगी

निगम की हर सुविधा के लिए यूआइडी नंबर को अनिवार्य कर दिया गया है। यूआइडी के बिना कोई सुविधा आम लोगों को नहीं मिलेगी। इसलिए जिनके पास यूआइडी नंबर नहीं है वह निगम दफ्तर से अपना यूआइडी नंबर ले सकते है। इसके लिए हेल्पलाइन डेस्क भी तैयार कर दिए गए है। इससे आम लोगों को फायदा होगा। -डा. शेना अग्रवाल, निगम कमिश्नर लुधियाना

Edited By: Vipin Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट