जागरण संवाददाता, लुधियाना: गोधन शहर की सड़कों पर बेसहारा घूम रहा है। बेसहारा पशुओं की वजह से ट्रैफिक की समस्या पैदा होती है तो कहीं यह लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। यही नहीं बेसहारा पशु आम लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। इस सब के बावजूद नगर निगम बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए गंभीर नहीं है। शहर में 10 के करीब गोशालाएं हैं लेकिन निगम अभी तक सिर्फ एक ही गोशाला से करार किया है। जिससे साफ है कि निगम अफसर इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।

नगर निगम ने बेसहारा पशुओं को सहारा देने का जिम्मा गोबिंद गोधाम को दिया है। निगम के आकड़ों के मुताबिक गोबिंद गोधाम में इस समय 1369 बेसहारा पशुओं को रखा गया है जिनके लिए निगम की तरफ से प्रतिदिन 30 रुपये प्रति गाय के हिसाब से दिए जाते हैं। गोबिंद गोधाम के पास अब ज्यादा पशुओं को रखने के लिए जगह नहीं है। ऐसे में निगम को चाहिए कि वह दूसरी गोशालाओं में बेसहारा गोधन को भी शिफ्ट करवाए लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। अब निगम ने टिब्बा रोड पर बनी गोशाला में पशुओं को रखने की कवायद शुरू की लेकिन इसकी प्रक्त्रिया भी बेहद धीमी चल रही है।

गोबिंद गोधाम को बेसहारा पशुओं को रखने की जिम्मेदारी

नगर निगम के पास बेसहारा पशुओं को पकडऩे के लिए खुद का सिस्टम नहीं है। निगम ने गोबिंद गोधाम को बेसहारा पशुओं को रखने की जिम्मेदारी दी है तो सड़कों से पशुओं को उठाने की जिम्मेदारी भी उनको ही दी है। ऐसे में गोशाला प्रबंधन अपने हिसाब से पशुओं को उठाकर ले जा रहा है।

Posted By: Jagran