बिंदु उप्पल, जगराओं। लुधियाना के गांव चक्र में शुक्रवार की सुबह अलग ही माहौल देखने को मिला। हर कोई गांव की बेटी सिमरनजीत कौर को ओलंपिक में खेलते देखने को उत्सुक नजर आया। सुबह 8.18 बजे थाईलैंड की खिलाड़ी के साथ मुकाबला शुरू हुआ। शुरुआत में सिमरनजीत ने अपने विरोधी को पछाड़ने की काेशिश की लेकिन अंत में वो हार गई। बेटी की हार से भावुक मां राजपाल कौर ने कहा कि हमें दुख है लेकिन जिदंगी में हार-जीत चलती रहती है। अब सिमरनजीत 2024 ओलंपिक में फिर अपनी किस्मत अजमाएगी। हमें खुशी है कि मेरी बेटी ओलंपिक जैसे बड़े प्लेटफार्म पर खेली। उन्हें उम्मीद है मुक्केबाजी में भारत के नाम कोई न कोई पदक जरूर होगा।

ओलिंपिक से पहले सिमरन को हो गया था कोरोना संक्रमण

मां राजपाल ने बताया कि ओलंपिक के आयोजन से दो महीने पहले मुक्केबाज सिमरनजीत कौर कोरोना से संक्रमित भी हुई थी और उसके बावजूद उसने खुद को ओलंपिक-2020 के लिए पूरी तरह तैयार किया था। उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। 

 

चक्र स्पोर्ट्स अकादमी में प्रोजेक्टर लगाकर सिमरनजीत कौर का मैच देखा गया।

 लुधियाना वाले हुए मायूस

इधर, सिमरनजीत के ओलंपिक में बाहर होने से शहर वासियों में मायूसी छा गई है। जगराओं वेलफेयर सोसायटी के प्रधान गुरिंदर सिंह सिद्धु ने कहा कि हमें मुक्केबाज सिमरनजीत कौर से बहुत उम्मीदें थी और उसकी सफलता की खुशी के लिए पूरी तैयारियां करनी थी। हम खुश है कि उसने यहां तक पहुंच कर पंजाब का नाम रोशन किया। 

इससे पहले, गांव के लोग घरों में सुबह से ही टीवी के साथ चिपके हुए हैं। ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली पंजाब की पहली महिला मुक्केबाज सिमरनजीत कौर के निवास पर अलग माहौल देखने को मिला। मां राजपाल कौर ने बारिश में जा सबसे पहले गांव के गुरुद्वारा साहिब में बेटी की जीत के लिए अरदास की। सिमरनजीत कौर के भाई-बहन भी काफी उत्साहित थे। मुक्केबाज भाई अशर्दीप सिंह ने कहा, ‘यह हमारे परिवार के लिए एक नया चैप्टर है। हम सभी चाहते हैं कि सिमरनजीत दर्ज कर अगले दौर में पहुंचे। मैं तो सुबह-सुबह ही वाहेगुरु के आगे अरदास कर चुकी हूं और मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरी अरदास सफल होगी।’

लुधियाना की मुक्केबाज सिमरनजीत कौर का मैच देखने के बाद भावुक जसप्रीत सिंह, चाची इंद्रजीत कौर, मां राजपाल कौर, सरपरस्त डा.बलवंत सिंह संधू, जसप्रीत सिंह रंधावा, कमलप्रीत सिंह।

लौटने पर होगा चैंपियन जैसा स्वागत

जिस चक्र स्पोर्ट्स अकादमी में सिमरनजीत कौर प्रशिक्षण प्राप्त करके टोक्यो तक पहुंची, वहां सुबह अलग माहौल दिखा। अकादमी के सरपरस्त डा.बलवंत सिंह संधू ने परिवारवालाें व गांव के लोगों के लिए मुकाबले को देखने का प्रबंध किया था। बलवंत सिंह ने कहा कि यह उनकी अकादमी के लिए स्वर्णिम दिन है। हमारे लिए गर्व की बात है कि वो इस मुकाम तक पहुंची। उन्होंने कहा कि सिमरनजीत का यह पहला ओलंपिक अनुभव था। वह जब वह ओलंपिक से लौटेगी तो उसका चैंपियन की तरह स्वागत करेंगे। 

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Edited By: Pankaj Dwivedi