बिंदु उप्पल, जगराओं (लुधियाना)। टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भारतीय महिला मुक्केबाजों को सफलता मिलती देख गांव चक्र के लोग बेहद उत्साहित हैं। अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि 30 जुलाई को उनके गांव की बेटी सिमरनजीत कौर अपने पहले ओलिंपिक मुकाबले में जरूर जीत हासिल करेगी। मुक्केबाज सिमरनजीत कौर बाठ की मां राजपाल कौर का कहना है कि पहले मुकाबले में बेटी बुलंद हौसले के साथ उतरेगी। सिमरनजीत 60 किलोग्राम भार वर्ग में 16 मुक्केबाजों में शामिल हो चुकी हैं। अब उसकी पहली जीत के लिए गांव वासी दुआ कर रहे हैं।

गुरुद्वारा गुरु नानकपुरा, मोरी गेट, जगराओं में मुख्य सेवादार प्रिंसिपल चरणजीत सिंह भंडारी की अगुआई में अरदास करवाई गई। भाई बलविंदर सिंह बग्गा ने सिमरनजीत की सफलता के लिए अरदास की। इसमें बलविंदर पाल सिंह मक्कड़, एसजीपीसी सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल, वीर सिंह सरना, इंद्रपाल सिंह, तरलोक सिंह, उज्जवल सिंह, हरदेव सिंह, दीपइंद्र सिंह, भाई दविंदर सिंह, पवनदीप सिंह, शिंगारा सिंह ने वाहेगुरु से सिमरनजीत की सफलता के लिए अरदास की।

टोक्यों ओलिंपिक में सिमरनजीत कौर का पहला मुकाबला 30 जुलाई को होगा।

हौसला बुलंद है, जरूर सफलता मिलेगी :

जगराओं के तहसीलदार मनमोहन कौशिक का कहना है कि गांव चकर की मुक्केबाज सिमरनजीत कौर को ढेरों शुभकामनाएं है। उनका हौसला बुलंद है। जरूर सफलता मिलेगी। पंजाब की बेटी पर हम सभी को गर्व है। वह सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनी हैं।

हर बेटी मुक्केबाज सिमरनजीत जैसी हो

जगराओं मार्केट कमेटी के चेयरमैन सतिंदरपाल सिंह काका ग्रेवाल का कहना है कि सिमरनजीत कौर को उनकी और से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। ओलिंपिक में खेलना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वह अपने मुकाबले में जरूर सफल होंगी। सिमरनजीत की तरह हर बेटी आगे बढ़े और नाम रोशन करें।

लवलीना की जीत से भारतीय उत्साहित

बता दें कि बुधवार को भारत की महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन अपनी प्रतिद्वंद्वी को हराकर  69 किग्रा वर्ग के क्ववार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी हैं। वह मेडल से बस एक कदम दूर हैं। उनके अलावा पूर्व ओलिंपिक ब्रांज मेडलिस्ट एमसी मैरिकॉम ने भी अगले दौर में प्रवेश कर लिया है।

 

Edited By: Pankaj Dwivedi