जेएनएन, श्री माछीवाड़ा साहिब/लुधियाना। माछीवाड़ा पुलिस ने न्यू जेएस नगर स्थित एक कोठी में अवैध तौर पर चल रहे नशा छुड़ाओ केंद्र का पर्दाफाश किया है। इस दौरान वहां इलाज करा रहे 13 व्यक्तियों को मुक्त कराया गया। मुक्त कराए गए 13 व्यक्तियों ने जो बात बताई है वह आपके रोंगटे खड़े कर देगी।

इन व्यक्तियों ने बताया कि बेशक परिवारों ने उनको नशा छुड़ाने के लिए इन केंद्रों में दाखिल करवाया है परंतु यहां न तो पेट भरने को रोटी मिलती है और न ही नशा छुड़ाने के लिए कोई दवा दी जाती है। सुबह थोड़ा सा दलिया, दोपहर को नाममात्र चावल और शाम को रोटी मिलती थी और यदि कोई अधिक खाने के लिए रोटी मांगता था तो उसकी डंडे और लाठियों से बुरी तरह से पिटाई की जाती थी। सभी ने अपने शरीर पर हुए अत्याचार के निशान भी दिखाए। लोगों ने बताया कि यहां गुप्तांगों पर भी चोट दी जाती थी।

न्यू जेएस नगर स्थित एक कोठी में अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र से पुलिस ने 13 लोगों को छुड़ाया है। इन्हें यहां भूखा रखकर कई तरह की यातनाएं दी जाती थीं।

उपचाराधीन व्यक्तियों ने यह भी बताया कि उनको पिछले काफी महीनों से विभिन्न स्थानों पर बंद कोठियों में रखा जाता था और यदि वह अपने परिवार से फोन पर बात करने को कहते तो डंडों से मारपीट की जाती थी। यहां से मुक्त करवाए गए सभी लोग अलग-अलग जिलों से हैं, जिनमें संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, नवांशहर व लुधियाना शामिल हैं।

पिछले डेढ़ महीने से चल रहा था अवैध केंद्र

माछीवाड़ा थाना प्रभारी रमनइंदरजीत सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि न्यू जेएस नगर की एक कोठी के अंदर कुछ व्यक्तियों ने अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र खोल रखा है। पुलिस ने छापेमारी की तो वहां पर पंजाब के विभिन्न शहरों से 13 नशेडिय़ों को मुक्त कराया गया। यह केंद्र पिछले डेढ़ महीने से चल रहा था। यहां नशेडिय़ों का इलाज कोई डॉक्टर नहीं, बल्कि एक व्यक्ति नपिंदर सिंह कर रहा था, उसे भी पुलिस ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आस-पास के लोगों को इस केंद्र की जानकारी नहीं थी। नपिंदर ने दावा किया कि वह तो केवल 12 हजार रुपये महीने पर यहां नौकरी करता है, जबकि केंद्र के मालिक हरमेल सिंह और विक्की सिंह हैं।

नशेडिय़ों ने पोल खोली, सरेआम बिकता है चिट्टा और नशे की दवाएं

13 व्यक्तियों ने कहा कि अकाली सरकार की अपेक्षा कांग्रेस सरकार में चिट्टा सरेआम गांवों और शहरों में बिक रहा है। मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाएं भी खुलेआम मिलती हैं।

अवैध नशा छुडाओ केंद्र अच्छी कमाई का साधन

अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र के संचालकों द्वारा प्रत्येक केंद्र में 15 से 20 नशेड़ी रखे जाते हैं। प्रति व्यक्ति से 12 से 15 हजार रुपए महीना वसूला जाता है। महीने में एकत्रित हुए 1.50 से 2 लाख में केवल 50 हजार रुपये ही मरीजों पर खर्च करते हैं जबकि बाकी संचालकों की जेब में जाता है।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Sat Paul

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!