जागरण संवाददाता, लुधियाना : शहर में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नगर निगम के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। इसकी वजह से नगर निगम को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से बार-बार मुंह की खानी पड़ रही है और अब तो पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निगम को जुर्माना लगाना भी शुरू कर दिया। इस सबके बीच निगम वेस्ट मैनेजमेंट पर मंथन करने में जुटा है।

बुधवार को नगर निगम जोन ए में स्वच्छ भारत मिशन पंजाब के डायरेक्टर पूर्ण सिंह व एक विशेषज्ञों की टीम आई और उन्होंने मेयर-कमिश्नर समेत अफसरों के साथ मंथन किया। पूर्ण सिंह ने निगम को चंडीगढ़ पैटर्न पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने की सलाह दी। चंडीगढ़ पैटर्न अपनाने से पहले नगर निगम शहर में एक सर्वे करेगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अगर चंडीगढ़ पैटर्न फिजिबल हुआ तो उसे अपना लिया जाएगा।

पूर्ण सिंह ने कहा कि शहर में अभी न तो कूड़ा सेग्रीगेशन हो रहा है और न ही नियमों के मुताबिक डोर टू डोर कलेक्शन हो रहा है। जिसकी वजह से मैनेजमेंट में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ी घर में आती है और लोग गीला सूखा कूड़ा अलग अलग करके उसमें डाल देते हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ नगर निगम पानी सीवरेज के बिल के साथ 50 रुपये प्रति किचन के हिसाब से जोड़ लेते हैं। जिस घर में कूड़ा सेग्रीगेशन नहीं होता है, उस घर का चालान कर दिया जाता है। चंडीगढ़ में इसके लिए करीब तीन गाड़ियां लगाई गई हैं।

उन्होंने नगर निगम को कहा कि शहर में सर्वे करें और उसके बाद देखेंगे कि चंडीगढ़ पैटर्न लागू किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने बताया कि वार्ड व मोहल्ला वाइज सर्वे करें कि कितने किचन, दुकानें, अस्पताल, ढाबे, स्कूल, कूड़ा कलेक्टर को कितने पैसे मिलते हैं, उसके पास रेहड़ा किस तरह का है से संबंधित सर्वे किया जाए। आंकड़े सामने आने के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सर्वे एक माह में पूरा किया जाए।

500 गाड़ियां खरीद सकता है निगम

मेयर बलकार सिंह संधू ने बताया कि नगर निगम कूड़ा प्रबंधन के लिए बेहतरीन से बेहतरीन पैटर्न अपनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर इसके लिए निगम को 500 गाड़ियां खरीदनी पड़ेंगी तो निगम खरीद लेगा। बैठक में कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल ने अफसरों को हिदायतें दी हैं कि सर्वे जल्दी से जल्दी पूरा करवाएं ताकि आगे की योजना तैयार की जा सके। बैठक में जोनल कमिश्नर सेनिटेशन अफसर अश्वनी सहोता, ओएंडएम ब्रांच के एसई रजिदर सिंह, डा. विपल मल्होत्रा व अन्य मौजूद रहे।

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