जागरण संवाददाता, लुधियाना : स्वास्थ्य विभाग का दर्जा चार मुलाजिम अपने साथी के साथ मिलकर लंबे समय से सरकारी दवाएं चोरी कर रहा था। विभाग के अधिकारी इस बात को लेकर परेशान थे कि चाबियां उनके पास होने के बावजूद चोरी कर कौन रहा है। अंत में अधिकारी ने ड्रग स्टोर के ताले बदलवाने के साथ-साथ वहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए, जिसमें दर्जा चार कर्मचारी की करतूत कैद हो गई। उसकी हरकत को लाइव देख रहे अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर दर्ज चार कर्मचारी को पकड़ लिया। हालांकि घटना के चार दिन बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस केस की जांच कर रहे एएसआइ रणबीर सिंह से बात की गई तो मामले में एक नया ही मोड़ आ गया। उनका कहना है कि चीफ फार्मेसी अफसर ने दर्जा चार कर्मी पर दवा चोरी करने का आरोप लगाया, जबकि चोरी करते पकड़े गए दर्जा चार कर्मी ने कहा कि चीफ फार्मेसी अफसर ही उससे चोरी करवाया करता था। पुलिस का कहना है कि घटना वाली रात उन्हें चोरी की शिकायत मिल गई थी, मगर उसके बाद कई बार कहने पर भी चीफ फार्मेसी अफसर अपने बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आया। कितनी दवाएं चोरी हुई, कब से हो रही हैं, दर्जा चार कर्मी कब से काम कर रहा है। वो सब डिटेल पुलिस को नहीं दी गई हैं। ऐसे में पर्चा दर्ज किए बगैर पुलिस उसे कैसे गिरफ्तार कर सकती है। अगले दिन दर्जा चार कर्मी का आरटीए दफ्तर में काम करने वाला रिश्तेदार उसे अपनी जिम्मेदारी पर ले गया था। उसका कहना था कि पुलिस अगर कोई कार्रवाई करती है तो वो उसे पेश करा देगा।

चीफ फार्मेसी अफसर ने ऐसे पकड़ा चोर

स्वास्थ्य विभाग का जिला परिषद में ड्रग स्टोर है, जिसमें दवाओं की सरकारी सप्लाई स्टोर की जाती है। वहीं से जिले के सभी अस्पताल व डिस्पेंसरियों को दवा की आपूर्ति की जाती है। स्टोर के चीफ फार्मेसी अफसर बूटा सिंह को आशंका हुई कि स्टोर में दवाओं का स्टाक गायब हो जाता है। उन्होंने ड्रग स्टोर के ताले बदलवा दिए। स्टाफ को बताए बगैर ही दो सीसीटीवी कैमरे भी लगा लिए। उसका लिक अपने मोबाइल के साथ कर लिया। इसके बाद वो लगातार उस पर नजर रख रहे थे। दो अक्टूबर को उन्हें पता चला कि दर्जा चार कर्मी की स्टोर से दवाएं गायब कर रहा था। उसके बाद बूटा सिंह ने उसे रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। एक दिसंबर को बठिडा से सामान की सप्लाई आने वाली थी, जो रात के समय वहां पहुंचनी थी। इसके चलते उन्होंने स्टोर कर्मी को माल उतरवाने के लिए चाबियां दे दीं। उन्होंने थाना डिवीजन नंबर आठ पुलिस को मामले की जानकारी दी और खुद जिला परिषद भवन के निकट बैठ अपने मोबाइल पर स्टोर की गतिविधियों ने नजर रखनी शुरू कर दी। रात में गाड़ी पहुंची तो कर्मचारी ने माल उतरवाकर बरामदे में रखवा लिया। गाड़ी के जाने पर दवाओं को उठा कर अंदर रख दिया, मगर उनमें से कुछ बाक्स एक निजी गाड़ी मंगवाकर उसमें रख दिए। गाड़ी को रवाना करने के बाद वो स्टोर को लाक करने लगा। दूसरी और लाइव चोरी देख रहे बूटा सिंह जिला परिषद के गेट पर पहुंच गए। उन्होंने गाड़ी को रोक कर उसमें रखा सामान बरामद कर लिया। स्टोर लाक कर रहे कर्मचारी व उसके साथी को भी काबू कर लिया। इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सिविल सर्जन बोले, सोमवार को पुलिस को पूरी डिटेल देंगे

सिविल सर्जन एसपी सिंह ने कहा कि जो खुद चोरी करते पकड़ा गया, वो तो किसी पर भी आरोप लगा सकता है। उसकी चोरी करते हुए की बाकायदा सीसीटीवी फुटेज है। चीफ फार्मेसी अफसर को चोरी हुए सामान की डिटेल बनाने के लिए कहा गया है। सोमवार को उसकी पूरी डिटेल बना कर पुलिस को दे दी जाएगी।

Edited By: Jagran