जागरण संवाददाता, खन्ना

सदर थाना खन्ना में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को निर्वस्त्र करने के बाद उनकी वीडियो वायरल करने के मामले में सोमवार को एसआइटी ने तीनों पीड़ितों के बयान चंडीगढ़ में दर्ज किए। एसआइटी के बुलावे पर पीड़ित जगपाल सिंह जोगी, उसका पुत्र गुरवीर सिंह और सहयोगी जसवंत सिंह चंडीगढ़ पहुंचे। यहां एडीजीपी दफ्तर में वे करीब चार घंटे तक रहे। उनके साथ वकील गुनिदर सिंह बराड़ और यूथ अकाली नेता यादविदर सिंह यादू भी थे।

बता दें कि सदर थाना के तत्कालीन एसएचओ बलजिदर सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रूख अपनाते हुए 22 मई को डीजीपी दिनकर गुप्ता को मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन करने और जांच रिपोर्ट व उस पर की गई कार्रवाई को आठ जुलाई तक अदालत के सामने पेश करने के आदेश दिए थे।

इसके बाद डीजीपी गुप्ता की तरफ से एडीजीपी (डायरेक्टर पंजाब ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन) डॉ. नरेश अरोड़ा की अगुआई में एक तीन सदस्यीय एसआइटी का गठन किया गया। एसआइटी में अन्य दो सदस्य आइजी लुधियाना रेंज जसकरन सिंह और एसएसपी जगराओं विवेकशील सोनी शामिल हैं। इस एसआइटी ने रिकॉर्ड को कब्जे में लेने के बाद शनिवार को खन्ना के एसएसपी दफ्तर में पहले जांच कर चुकी एसएसपी खन्ना हरप्रीत सिंह की अगुवाई वाली एसआइटी से बैठक भी की थी।

पीड़ितों के वकील बराड़ ने बताया है कि एसआइटी की तरफ से तीनों पीड़ितों से पहले बात कर जानकारी हासिल की गई। उसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए हैं। इस दौरान एडीजीपी डकॅ. नरेश अरोड़ा, आइजी जसकरन सिंह और एसएसपी जगराओं की तरफ से डीएसपी प्रभजोत कौर मौजूद थे। तीनों पीड़ितों ने बिना किसी डर के जो सच था वह लिखवा दिया है। अब आगे की कार्रवाई एसआइटी ने करनी है। उन्होंने बताया कि वे 3.30 बजे दोपहर एडीजीपी दफ्तर पहुंच गए थे और लगभग 7.30 बजे बाहर आए हैं।

Posted By: Jagran

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