खन्ना, जेएनएन। भारतीय किसान यूनियन (मान) के राष्ट्रीय प्रधान भूपिंदर सिंह मान के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। मान से उन्हीं की यूनियन की पंजाब इकाई ने नाता तोड़ लिया है। सुप्रीम की तरफ से बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी में शामिल होने पर यूनियन के नेता उनसे खफा हो गए। यूनियन नेताओं ने वीरवार को खन्ना में कोर कमेटी की बैठक बुलाकर फैसला लिया है। यह फैसला यूनियन के प्रदेश प्रधान बलदेव सिंह मियांपुर के नेतृत्व में हुई बैठक में लिया गया।

बलदेव सिंह ने कहा कि यूनियन देश के 40 किसान संगठनों द्वारा लड़ी जा रही लड़ाई का समर्थन करती है। कृषि कानूनों के रद होने तक यूनियन इस संघर्ष में शामिल रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस मसले के हल के लिए बनाई चार सदस्यीय कमेटी में मान भी शामिल किए गए हैं। मान ने इसे लेकर यूनियन के साथ कोई सलाह-मशविरा नहीं किया। यह उनका अपना निजी फैसला है। इससे उनकी केंद्र सरकार के साथ मिलीभगत का सबूत मिलता है। भारतीय किसान यूनियन पंजाब की इकाई ने उनसे नाता तोड़ लिया है।

बलदेव सिंह के अनुसार यूनियन ने फैसला किया है कि जबतक केंद्र सरकार तीनों ही खेती कानून वापस नहीं लेती, उनका संगठन संघर्षशील संगठनों के साथ रहेगा। इस मौके पर गुरबचन सिंह बाजवा प्रदेश महासचिव, सुरजीत सिंह उपप्रधान पंजाब, नेतर सिंह नागरा उपप्रधान पंजाब, सुखविंदर सिंह लक्खीवाल उप प्रधान पंजाब, सारज सिंह प्रचार सचिव, मुखत्यार सिंह धलेर जिला प्रधान संगरूर, मनोहर सिंह किशनगड़ प्रधान मानसा आदि उपस्थित थे।

 

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