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लुधियाना में 20 वर्षीय जासूस गिरफ्तार, सीसीटीवी लगाकर पाकिस्तान भेज रहा था भारतीय सेना की लाइव फुटेज

Published: Fri, 28 Aug 2026 09:26 PM (IST)

लुधियाना पुलिस ने 20 वर्षीय रछपाल सिंह को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

चार सीसीटीवी से सेना की मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान भेजने वाला जासूस गिरफ्तार।

चार सीसीटीवी से सेना की मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान भेजने वाला जासूस गिरफ्तार।

HighLights

  1. लुधियाना पुलिस ने 20 वर्षीय रछपाल सिंह को आईएसआई जासूसी में पकड़ा

  2. आरोपी सीसीटीवी से बद्दोवाल कैंटोनमेंट की लाइव फीड भेज रहा था

  3. जासूस का संबंध जेल में बंद नशा तस्कर से भी जुड़ा

गगनदीप रत्न, लुधियाना। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलरों के लिए जासूसी करने के आरोप में लुधियाना पुलिस ने गुरदासपुर के 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान फतेहगढ़ चूड़ियां, गुरदासपुर निवासी रछपाल सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपित पिछले करीब दो महीने से लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर किराये की दुकान लेकर वहां चार चीनी सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों तक पहुंचा रहा था। इन कैमरों से बद्दोवाल कैंटोनमेंट क्षेत्र और आसपास के इलाके पर नजर रखी जा रही थी।

पुलिस ने आरोपित के खिलाफ थाना सराभा नगर में आफिशियल सीक्रेट एक्ट, 1923 की धाराओं 3, 4, 5 और 9 तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपित से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

जूते की दुकान खोली, लेकिन असली मकसद कैमरे लगाना था

पुलिस के अनुसार रछपाल ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर एक निजी अस्पताल के सामने दुकान किराये पर ली थी। इसी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर आरोपित रहता है। यहां उसने जूतों की दुकान खोली थी, लेकिन वह दुकान नियमित रूप से नहीं खोलता था। इसके बजाय उसने दुकान के बाहर ऐसे स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिनका रुख लुधियाना-फिरोजपुर रोड की तरफ था।

पुलिस को जांच में चार कैमरों (मेमरी कार्ड वाले) के बारे में जानकारी मिली है। इन कैमरों का एक्सेस मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को दिया गया था। आरोपित ने कैमरों की यूजर आइडी और पासवर्ड भी हैंडलरों के साथ साझा किए थे।

पुलिस के मुताबिक इसके बदले उसे करीब 2.5 से 3 लाख रुपये मिलने की बात सामने आई है। वहीं, आसपास के दुकानदारों ने बताया कि जब पुलिस ने दुकान पर रेड की थी तो तीसरी मंजिल पर उसके घर में से दो ट्रक भरकर सामान लेकर गए थे, जिसमें भारी-भरकम बैग भी शामिल थे। हालांकि अब दुकान का किराया लेने वालों से भी पूछताछ कर सकती है, कि आरोपित की वेरीफिकेशन करवाई गई थी या नहीं?

जेल में बंद नशा तस्कर के जरिये पाकिस्तान तक पहुंचा लिंक

जांच में पुलिस को पता चला है कि रछपाल का संपर्क डेरा बाबा नानक के एक व्यक्ति के जरिये जेल में बंद एक नशा तस्कर से हुआ था। सूत्र बताते हैं कि उक्त नशा तस्कर के संबंध पाकिस्तान में बैठे आईएसआई से जुड़े हैंडलरों से बताए जा रहे हैं।

इसी नेटवर्क की मदद से रछपाल को लुधियाना में कैमरे लगाने का काम मिला था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डेरा बाबा नानक का उक्त व्यक्ति कौन है और जेल में बंद नशा तस्कर के माध्यम से रछपाल सीधे पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में कैसे आया। आरोपित रछपाल के खिलाफ भी पहले नशा तस्करी का पर्चा दर्ज है। पुलिस को शक है कि जेल में रहने के दौरान ही वो पाकिस्तान लिंक वाले जासूस के संपर्क में आया होगा।

बद्दोवाल कैंट से महज छह किलोमीटर दूर थी दुकान

जिस स्थान पर कैमरे लगाए गए थे, वह बद्दोवाल कैंटोनमेंट से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कैमरों की लाइव फीड के जरिये केवल सड़क और आसपास के सामान्य क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी या सैन्य क्षेत्र से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी भी पाकिस्तान भेजी गई।

जांच अधिकारी आरोपित के मोबाइल, कैमरों, डीवीआर/स्टोरेज डिवाइस, मोबाइल एप्लीकेशन और डिजिटल लेन-देन से संबंधित जानकारी खंगाल रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैमरे कहां से खरीदे गए और इन्हें इंस्टाल करने में किस-किस व्यक्ति ने मदद की। सूत्र बताते हैं कि आरोपितों का मुख्य फोकस कैंटोनमेंट एरिया ही था। हालांकि इसकी पुष्टि अधिकारियों ने नहीं की है।

चार साल से गांव से दूर था आरोपित

रछपाल सिंह उर्फ भाला निवासी सरफ कोट पांच भाई है। जिनमें से चार भाई अमृतसर में कुली का काम करते है। आरोपित रछपाल सिंह पिछले करीब चार साल से गांव से बाहर ही रह रहा है और कभी कभार गांव में आता था। परिवार की आर्थिक हालत बेहद ही खराब है। हालांकि परिवार का कहना है कि रछपाल पर पहले कोई एफआईआर नहीं है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर होने की बात की पुष्टि की है।

तीन महीने में ऐसी तीसरी घटना

मई 2026 में पठानकोट के गांव चक्क धारीवाल निवासी एक व्यक्ति को इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपित ने नेशनल हाईवे-44 के पठानकोट-जम्मू सेक्शन पर स्थित एक दुकान पर चीनी सीसीटीवी कैमरा लगाया था और उसका एक्सेस पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को दिया गया था।

जुलाई महीने में कपूरथला के माडल टाउन इलाके में बिजली के पोल के ऊपर एक कैमरा लगा मिला था। मामले की जांच के दौरान फिरोजपुर के रहने वाले सुखविंदर सिंह, उसके बेटे और संदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने तब भी कैमरे के पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलरों तक कनेक्शन की जांच की थी। लुधियाना में सामने आए ताजा मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा।