यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sacrilege Case: सिरसा जाकर विपासना व डा. पीआर नैन से सोमवार को SIT करेगी पूछताछ, 3 बार समन भेजने पर भी नहीं हुए पेश
Sacrilege Case लुधियाना रेंज के डीआइजी एसपीएस परमार एसआइटी के प्रमुख हैं। डेरा सच्चा सौदा के दोनों पदाधिकारियों को बुलाकर ...और पढ़ें

लुधियाना, [राजन कैंथ]। Sacrilege Case: फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी और बेअदबी की साजिश रचने के मामले की जांच एसआइटी (SIT) कर रही है। एसआइटी की ओर से डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना इंसा और प्रबंधक डा. पीआर नैन को 3 बार समन भेजने पर भी वह पेश नहीं हुए हैं। प्रबंधक डा. पीआर नैन ने पिछले सप्ताह मेडिकल भेज कर सात दिन का समय मांगा था। समय पूरा होने के बाद शुक्रवार को उन्होंने फिर से एसआइटी को मेडिकल भेज दिया है।
लुधियाना रेंज के डीआइजी एसपीएस परमार एसआइटी के प्रमुख हैं। डेरा सच्चा सौदा के दोनों पदाधिकारियों को बुलाकर उनसे पूछताछ की जानी थी। उनके पेश नहीं होने पर अब एसआइटी सोमवार को खुद सिरसा जाकर दोनों से पूछताछ करेगी। डीआइजी परमार का कहना है कि एसआइटी के अन्य सदस्य एसएसपी बटाला मुखविंदर सिंह, डीएसपी भिखीविंड लखवीर सिंह और नवांशहर के इंस्पेक्टर दलबीर सिंह सिरसा जाएंगे। बताया जा रहा है कि डेढ़ साल से गायब विपासना इंसा विदेश भाग चुकी है। इसके लिए उसने नेपाल का रास्ता चुना था। नेपाल में हुई त्रासदी के समय चले बचाव कार्य में डेरा सच्चा सौदा ने सहयोग दिया था।
डेरे की ओर से नेपाल में भी केंद्र बनाया गया था। माना जा रहा है कि उसी केंद्र के सहयोग से विपासना के विदेश चली गई है। गौरतलब है कि सुनारिया जेल में 9 नवंबर को हुई पूछताछ के दौरान डेरा प्रमुख राम रहीम ने बेअदबी की घटनाओं में संलिप्तता से मना किया था। उसका दावा था कि डेरे में कामकाज देखने या निर्णय लेने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। वह केवल सत्संग करने और डेरा अनुयायियों को उपदेश देने तक सीमित थे। इसके बाद एसआइटी ने डेरे की चेयरपर्सन और प्रबंधक को समन किए थे। आरोप है कि डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में बेअदबी की घटनाओं की साजिश रची गई। इस आधार पर डेरा प्रमुख को जुलाई 2020 में बेअदबी की घटनाओं में मुख्य आरोपित बनाया गया था।
एक जुलाई 2015 को हुआ था गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप चोरी
एक जुलाई 2015 को फरीदकोट जिले के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। 24 सितंबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुद्वारे के पास आपत्तिजनक शब्द लिखे दो पोस्टर लगे मिले थे। इन पोस्टरों में पावन स्वरूप की चोरी के पीछे डेरा सच्चा सौदा का हाथ होने की बात भी लिखी गई। 12 अक्टूबर 2015 को बुर्ज जवाहर सिंह वाला की गलियों में पावन स्वरूप के अंग पड़े मिले। 14 अक्टूबर को फरीदकोट के गांव बहिबल कलां में प्रदर्शन कर रही संगत पर पुलिस की फाय¨रग से दो लोगों की मौत हो गई थी।
अब तक पांच की गिरफ्तारी
पावन स्वरूप चोरी और बहिबलकलां व कोटकपूरा में हुए गोलीकांड को लेकर पुलिस ने वर्ष 2015 में तीन केस दर्ज किए थे। इनमें पांच डेरा प्रेमियों रणदीप सिंह उर्फ नीला, रणजीत सिंह, बलजीत सिंह, निशान सिंह और नरिंदर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया था जो अब जमानत पर हैं। डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्य संदीप बरेटा, प्रदीप कलेर और हर्ष धूरी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। तीनों आज तक एसआइटी के हाथ नहीं आए हैं। छह जुलाई 2019 को डेरा प्रमुख राम रहीम को बुर्ज जवाहर सिंह वाला से पावन स्वरूप चोरी मामले में थाना बाजाखाना में दर्ज एफआइआर में नामजद कर लिया गया था।
