जेएनएन, लुधियाना/जगराओं। गांव हिस्सोवाल के पास जगराओं-लुधियाना हाईवे पर एक फोर्ड फीगो कार से लुधियाना में तैनात एसएचओ गुरमीत सिंह के बेटे का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय जीवनजोत की हत्या की गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या कैसे और किस वजह से की गई।

दादा-दादी से मिलने पटियाला के लिए निकला था जीवनजोत कार में मिला मृत

एसएसपी (देहाती) सुरजीत सिंह ने मामले को संदिग्ध बताया है। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। जिस कार से युवक जीवनजोत का शव बरामद हुआ, उसमें चिट्टा (नशीला पाउडर), चम्मच व एक सीरिंज भी मिली है। जीवनजोत के पिता गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके बेटे की जबरन जहरीला इंजेक्शन देकर हत्या की गई है। हत्यारे शव को कार में डालकर गांव के बाहर छोड़ फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि जीवनजोत उनका बड़ा बेटा था। वह शुक्रवार सुबह 11 बजे जीवनजोत यह कहकर निकला था कि वह पटियाला में दादा-दादी से मिलने जा रहा है, लेकिन जब शाम तक वह पटियाला नहीं पहुंचा, तो उसके मोबाइल नंबर पर फोन लगाया। उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद रात दस बजे उसका फोन बंद हो गया। परिजन उसे रातभर तलाशते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह पुलिस को शव मिलने की सूचना मिली।

कार की तलाशी के दौरान पुलिस को चम्मच, चिट्टा पाउडर और एक सीरिंज मिली। जीवनजोत के पास एप्पल का 4 एस मोबाइल था, लेकिन कार या कार के आसपास कहीं मोबाइल नहीं मिला। कार की डिसप्ले स्क्रीन पर दिख रहे आखिरी नंबर को ट्रेस करवाया, तो पता चला कि यह नंबर एसएचओ गुरमीत सिंह का है। इसके बाद उन्हें सूचित किया गया।

कार पर कुछ कई लोगों के फिंगर प्रिंट्स, जांच के लिए लैब भेजा

फॉरेंसिक टीम को कार से जीवनजोत के अलावा कुछ और लोगों के फिंगर प्रिंट्स भी मिले हैं। कार की डिग्गी में खून लगा हुआ था। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस के अनुसार जब शव को कार से बाहर निकाला तो जीवनजोत की पैैंट घुटनों तक उतरी हुई थी। उसके सिर व हाथ-पांव पर मिट्टी लगी हुई थी। कार के आसपास घसीटने के निशान थे। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि जीवनजोत की हत्या कहीं और की गई है और शव को यहां लाकर कार में छोड़ दिया गया है। शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।

विदेश जाना चाहता था

जीवनजोत लुधियाना के सरकारी कॉलेज में पढ़ता था, लेकिन बाद में उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। उसने अपनी गाड़ी ओला कैब में लगा दी थी और कार चलाने लगा था। वह विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसने आइलेट्स का कोर्स भी शुरू किया था।

नशा छुड़ाओ केंद्र में हुआ था इलाज

एसएसपी सुरजीत सिंह ने बताया कि पहले जीवनजोत नशा करता था। कुछ समय पहले परिवार ने उसे पटियाला के नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया था, जिसके बाद वह ठीक हो गया था। पुलिस इस मामले में प्रेम प्रसंग, पुरानी रंजिश और नशे की ओवरडोज के एंगल पर काम कर रही है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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