जागरण संवाददाता, लुधियाना : ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शाही इमाम पंजाब मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी के संदेश पर राज्य भर के सभी शहरों और तहसीलों से विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के मुस्लिम पदाधिकारी एकत्रित हुए। चार घंटे चली चर्चा में राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय को आने वाली परेशानियों और जरूरतों पर खुल कर विचार रखे गए। मीटिग में बीस सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लिए लोक लुभावने वादे कर रहे राजनीतिक दलों को संदेश भेजा गया कि राज्य के अल्पसंख्यकों को अगर इस बार नजरंदाज किया गया तो उन्हें भी चुनाव में नजर अंदाज किया जाएगा। मुस्लिम समुदाय इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

मुस्लिम पंचायत में यह मांग रखी गईं कि पंजाब वक्फ बोर्ड के मेंबरों का चुनाव पारदर्शी किया जाए व पंजाब के एक जिला से एक ही मेंबर बनाया जाना चाहिए ताकि राज्य के सभी जिलों को नुमाइंदगी मिले। पंजाब में वक्फ संपत्तियों में मुस्लिम आबादी के आधार पर कब्रिस्तान रिजर्व किए जाएं। मुसलमानों के जाति आधार प्रमाण पत्र जारी किया जाएं, राज्य के मुस्लिमों को सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी दी जाए।

इस अवसर पर सैयद सादिक रजा खलीफा सरहिद शरीफ, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन दिलबर खान, राष्ट्रीय जनता दल पंजाब के प्रधान मुकीद आलम, हाशिम सूफी सचिव आम आदमी पार्टी पंजाब, शिरोमणि अकाली दल (ब) एडवाईजरी बोर्ड हाजी तहसीन, मुहम्मद इरशाद, आबिद सलमानी, अब्दुल सत्तार लिबड़ा, जुनेद खान, हाफिज अनवर उल हक, मुहम्मद गुलाब, अब्बास राजा, नादिर अली भट्टी, हंसराज मोफर, शेर खा, सुरमूद्दीन, सब्बा पलाही, एडवोकेट नईम, एडवोकेट मुहम्मद सलीम, मजर आलम, जुलफकार अली, नाजिम अली, काले खान, इरफान मलिक, यूसफ मलिक, मुहम्मद खलील, मुहम्मद नईम, अकबर अली, सिराज अली, डा.मुसताख, वली शुमाली, सूबा खान, डा. रऊफ के इलावा पंजाब भर से विभिन्न शहरों और तहसीलों से आए हुए मुस्लिम नेताओं ने हिस्सा लिया।

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