लुधियाना [राजेश भट्ट]। स्कूल संघ पंजाब का एक प्रतिनिधिमंडल बोर्ड परीक्षा से संबंधित समस्याओं को लेकर संघ के प्रधान जनार्दन भट्ट की अध्यक्षता में बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर योगराज शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल संघ के महासचिव भुवनेश भट्ट ने चेयरमैन से आग्रह किया कि एक ओर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बच्चो को स्ट्रीम विषय बाध्यता से मुक्ति दी गई है। साथ ही इस नीति के अंतर्गत त्रि भाषा फार्मूला लागू किया गया है। वहीं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड़ बच्चों से पढ़ाई के माध्यम(मीडियम) के चुनाव का अधिकार ही छीन रहा है। इसका विशेष नुकसान उन गरीब वर्ग के छात्रों को होगा जो अपनी कमजोर पृष्टभूमि के चलते अंग्रेजी में अपेक्षाकृत उतने बेहतर नहीं होते परन्तु वे आगे चलकर मेडिकल-नान मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं।

अतः वे मैथ- साइंस इंग्लिश मीडियम में तथा सामाजिक शिक्षा पंजाबी/हिंदी मीडियम में पढ़ते हैं। अब बोर्ड के इस फरमान से इन गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के सपने धूमिल हो जाएंगे। अतः विद्यार्थियों के हित में बोर्ड़ को अपना वर्तमान फैसला बदलकर, पिछले सालों की तरह विषय वाइज माध्यम के चयन का विकल्प छात्रों को देना चाहिए। इस पर चेयरमैन ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि बच्चों को पिछले सालों की तरह विषय आधारित मीडियम चयन का अधिकार इस वर्ष भी दिया जाएगा। उन्होंने बोर्ड़ परीक्षा नियंत्रक को मौके पर बुलाकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजेश नागर ने मांग की कि पंजाब सहित पूरे देश में सभी यूनिवर्सिटीज और बोर्ड आज भी अपने विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी उपलब्ध करवाते हैं, फिर केवल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ही केवल सॉफ्ट कॉपी क्यों जारी कर रहा है। उन्होंने मांग की कि बोर्ड़ द्वारा इस साल फार्म में बच्चों से सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी लेने या न लेने का विकल्प पूछ रहा है। जो कि सरासर बच्चो के अधिकार और बोर्ड़ के उत्तरदायित्व की अनदेखी है। उन्होंने मांग की कि बोर्ड़ परीक्षा देने वाले हर छात्र को बोर्ड़ को सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी जारी की जाए फिर चाहे बोर्ड सर्टिफिकेट की 100 रुपये फीस को परीक्षा फीस में जोड़  कर बढ़ी  फीस ले ले। इस पर चेयरमैन ने अगले हफ्ते होने वाली बोर्ड़ मीटिंग में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद सार्थक निर्णय का भरोसा दिया।

राघव भारद्वाज ने त्यौहारी सीजन के चलते अभिभावकों को बोर्ड़ परीक्षा फीस जमा करवाने को लेकर पेश आ रही दिक्कतों का हवाला देते हुए, बिना लेट फीस की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2021 करने की मांग की। जिसपर चैयरमैन साहिब ने अंतिम तिथि बढ़ाने का आश्वासन दिया। संघ के वरिष्ठ उपप्रधान कमल शर्मा ने चेयरमैन से मांग की कि विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ कम करने के लिए ग्रेडिंग विषयों की परीक्षा प्रीबोर्ड परीक्षा के साथ ले स्कूल स्तर पर आयोजित करवाकर, फाइनल परीक्षा में बोर्ड केवल मुख्य विषयों के ही पेपर ले। साथ ही उन्होंने पाँचवी के9 तर्ज पर आठवीं की परीक्षा भी स्व केंद्रों पर आयोजित करने का आग्रह भी किया। इस पर चेयरमैन ने छात्रों के हित में आगामी बोर्ड़ मीटिंग में इस पर गम्भीरता से विचार कर इसे क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया।

Edited By: Vinay Kumar