जेएनएन, श्री माछीवाड़ा साहिब : सुरों के सरताज जाने जाते सरदूल सिकंदर के देहांत से संगीत जगत में शोक की लहर छाई हुई है। इस महान गायक का माछीवाड़ा साहिब से भी गहरा रिश्ता रहा है। यहां के गीतकार संजीव आनंद के 200 से अधिक लिखे गीत उन्होंने गाए, जिनमें से काफी हिट भी हुए। माछीवाड़ा के आनंद परिवार जिसमें प्रसिद्ध आढ़ती शक्ति आनंद और उनके भाई संजीव आनंद से स्व. सरदूल सिकंदर और उनकी पत्नी अमर नूरी के साथ पारिवारिक संबंध हैं, जोकि आज के नहीं, बल्कि पिछले 25 वर्ष से चले आ रहे हैं। संजीव आनंद द्वारा लिखा गीत 'इक चरखा गली विच डाह लिया' और 'युग-युग जीन भाभियां' के अलावा कई गीतों को गायक सरदूल सिकंदर ने अपनी सुरीली आवाज के द्वारा पेश किए, जो आज भी श्रोताओं में हरमन प्यारे हैं। सरदूल सिकंदर के देहांत पर माछीवाड़ा के गीतकार संजीव आनंद और उनके भाई शक्ति आनंद ने बड़े ही भावुक शब्दों में कहा कि जहां आज इस दुनिया ने एक महान गायक खो दिया वहीं, आनंद परिवार को भी न पूरा होने वाला घाटा पड़ा है। इस के अलावा माडल बावा वर्मा, डायरेक्टर गुरमुख दीप, कौंसलर परमजीत पम्मी, गायक हरप्रीत सिंह मांगट, आदि ने भी सरदूल सिकंदर के अचानक देहांत पर दुख जताया।

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