संस, लुधियाना : जिस मन में राम नाम की तरंग रहती है, वहां कोई दुख नहीं रह सकता। राम नाम का जाप मन के ताप व पीड़ा को समाप्त कर देता है और चित्त को स्वस्थ रखता है। यह बात अमृतवाणी सत्संग, श्री राम शरणम के प्रमुख संत अश्वनी बेदी महाराज ने श्रीराम शरणम्, श्रीराम पार्क , सिविल लाइंस में चल रहे राम नाम अखंड जप महायज्ञ में आए राम भक्तों को कहीं।

उन्होंने कहा कि राम नाम से मन को सदा प्रकाशित रखना चाहिए। राम-राम जपना बहुत ही पुण्य कर्म है, राम नाम से पापों का नाश होता है। जो मनुष्य राम नाम का सुमिरन करता है उसका शरीर शुद्ध मन पवित्र होता है। संत रविदास महाराज जी कि वाणी है कि रवि प्रगास रजनी जत्था, गति जानत सब संसार , पारस मानो- तांबो छुए, कनक होत नहीं बार।

उन्होंने कहा कि सारा संसार यह बात जानता है कि सूर्य के चढ़ने पर जिस प्रकार रात का अंधेरा दूर हो जाता है। ताबे के पारस मणि द्वारा छुए जाने पर उसे सोना बनने में देर नही लगती। ठीक इसी प्रकार राम नाम सब पारसों से भी बढि़या पारस है। इसलिए श्रीराम नाम का जाप सुखों का आधार है।

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