जागरण संवाददाता, बठिंडा। आज इंटरनेट मीडिया का विकास अलग ही रूप लेता नजर आ रहा है। इंटरनेट मीडिया की वजह से आज हमारे जीवन में सूचनाओं की भरमार हो गई है। यही नहीं पिछले कुछ वर्षों से तो इंटरनेट मीडिया में एक और नई लहर जोर पकड़ रही है, जो है बेमतलब की बहस। प्रतिदिन यहां पर किसी न किसी विषय पर वाद विवाद चलता ही रहता है। ज्यादातर बहस का कोई औचित्य नहीं होता।

कटुता, शोर व कड़वाहट ऐसी नकारात्मक विशेषताएं हैं, जो यहां पर बहस कार्यक्रमों की विशेष पहचान बनकर रह गई हैं। इन बहस कार्यक्रमों का आयोजन लोगों को जागरूक करने के लिए नहीं, बल्कि वास्तव में दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए होते हैं। आज के दौर में इंटरनेट मीडिया केवल टीआरपी का एकमात्र लक्ष्य बनकर रह गया है। बहस के दौरान लोग इस कदर आग बबूला हो जाते हैं कि वे शब्दों की मर्यादा ही भूल जाते हैं।

अपशब्द तो इंटरनेट मीडिया के लिए आम बात बन चुकी है। बहस के यह कार्यक्रम गंभीर समस्याओं से संबंधित होते हैं। हर बार यह कार्यक्रम बहस से शुरू होकर बहस पर ही समाप्त हो जाते हैं। यह दुखद, लेकिन सच है कि इन सामाजिक राजनीतिक समस्याओं का कोई व्यवहारिक समाधान पेश नहीं किया जाता। दर्शकों को जागरूक करने के बजाय यह केवल शोर का मामला बन कर रह गए हैं। एक सभ्य बहस के मानदंडो को तो कब का भूला दिया गया है।

रोजाना देखा जाता है कि यह बहस के आयोजन समाज में केवल नकारात्मकता का माहौल पैदा करते हैं, जिसका युवाओं पर मानसिक तौर पर प्रभाव पड़ता है। इस वजह से आज का युवा समस्या के समाधान को नहीं केवल बहस को अहमियत देता हुआ नजर आ रहा है। नकारात्मकता से भरा माहौल गंभीर चिंता का विषय बन गया है। आज इंटरनेट मीडिया को अपनी चर्चा के मौजूदा फार्मेट पर गहन चिंतन करने की जरूरत है। समय आ गया है कि बहस में अनुशासन का स्तर सुधारने के लिए गंभीर प्रयास करें व अपनी लक्ष्मण रेखा स्वयं तय करें।

सच है कि अभिव्यक्ति की आजादी भारत के संविधान द्वारा नागरिकों को मिला सबसे बड़ा अधिकार है, लेकिन इस आजादी का अनादर करना गलत है। अभिव्यक्ति की आजादी में अनुशासन बेहद जरूरी है। आत्म अनुशासित हुए बिना हम समाज एवं अपने युवा वर्ग के लिए कुछ नहीं कर पाएंगे। एक स्पष्ट मुद्दे पर दृढ़ विश्वास से बात करनी चाहिए। सीधे-सीधे सवालों का सीधा सीधा जवाब देना चाहिए। अपमानजनक और व्यक्तिगत टिप्पणी से दूर रहना चाहिए। -फादर सिडलसय फरटाडो, प्रिंसिपल, सेंट जेवियर स्कूल, माडल टाऊन, फेज-2 बठिंडा।

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Edited By: Deepika